11 ट्रेनों में भरकर यूपी के बाहर से मायावी रैली में आये दलित

बसपा संस्थापक दिवंगत काशीराम की छठी पुण्यतिथि पर रैली कर बसपा जहां विरोधियों को अपनी ताकत का एहसास कराना चाहती है वहीं लोकसभा चुनाव का आगाज भी इसी रैली से माध्यम से करेगी। विधानसभा चुनाव में लखनऊ की सभी सीटों को गंवा चुकी पार्टी फिलहाल लखनऊ से निराश है, रैली में उसे यहां के लोगों से उम्मीद कम ही है। बहरहाल बसपा विधानसभा चुनाव में हार के बाद यहां पहली रैली करने जा रही है इसलिए कोई कोर-कसर नहीं छोडऩा चाहती।
इसके लिए विभिन्न राज्यों से बसपा से जुड़े लोग यहां शामिल होने आ रहे हैं। रैली को राष्ट्रीय संकल्प महारैली का नाम दिया गया है जिसमें पार्टी प्रमुख मायावती लोकसभा के आगामी चुनाव के मद्देनजर भावी रणनीति की घोषणा करेंगी। रैली को सिर्फ मायावती ही संबोधित करेंगी। रैली में सुश्री मायावती खुदरा व्यापार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश एवं संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन दो सरकार को समर्थन के मुद्दे पर भी अपनी रणनीति की घोषणा कर सकती है।
रैली के दूसरे दिन दस अक्टूबर को बसपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक भी लखनऊ में हो रही है। केन्द्र को समर्थन जारी रखने या वापस लेने पर यदि रैली में कोई घोषणा नहीं हुई तो कार्यकारिणी में इस पर निर्णय होगा। खुदरा में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश डीजल की कीमतों में वृद्धि तथा घरेलू रसोई गैस का कोटा तय किये जाने पर मायावती अपनी नाराजगी जाहिर कर चुकी हैं। रैली रमाबाई अम्बेडकर मैदान में होगी। कार्यकर्ताओं के आने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से 11 विशेष रेलगाडियां बुक की गयी हैं। इसके अलावा एक हजार से अधिक बसें कार्यकर्ताओं को लखनऊ लायेंगी। रैली के लिए लखनऊ नीले रंग में रंग गया है तथा बसपा समर्थकों के स्वागत में जगह-जगह होडिंग्स लगायी गयी है।












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