किराना में विदेशी निवेश देश हित में नहीं:अन्ना हजारे

अन्ना ने अपने ब्लॉग के माध्यम से यह भी कहा है कि वह कोई पार्टी नहीं बनायेंगे। उनके इस कथन से इंडिया अगेंस्ट करप्शन को आघात लगा है। गौरतलब है कि अरविंद केजरीवाल इस पर उन्हें मनाना चाहते थे। लेकिन अन्ना के मना कर देने से अब टीम केजरीवाल को अकेले चुनाव मैदान में उतरना पड़ सकता है। इसके पहले किरण बेदी भी टीम केजरीवाल से अलग हो चुकी हैं।
किरण 2014 के लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ना चाहती थी जबकि अरविंद का कहना है कि कांग्रेस की तरह भाजपा भी एक भ्रष्ट पार्टी है इसलिए वह भाजपा से कोई समझौता नहीं करेंगे। ऐसे में इंडिया अगेंस्ट करप्शन को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
वहीं किराना में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध हो रहा है। एफडीआई पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि हम इसे अपने यहां लागू नहीं होने देंगे। वहीं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी इसका विरोध किया है और कहा है किराना को इस समय देश में लागू नहीं किया जा सकता है।












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