गुजरात में मोदी से टक्कर नहीं लेंगे राहुल गांधी

यही कारण है कि जब कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी से यह पूछा गया कि राहुल गांधी चुनावी रथ की कमान संभालेंगे या नहीं, तो जवाब मिला कि गुजरात में कांग्रेस स्थानीय मुद्दों के बल पर लड़ने में सक्षम है।
कांग्रेस प्रवक्ता की इस बात गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं को धक्का सा पहुंचा है, क्योंकि वो लंबे समय से इंतजार कर रहे थे कि इस जंग में युवा नेता राहुल गांधी उनके कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।
वैसे कांग्रेस का पक्ष भी समझने योग्य है, क्योंकि बिहार और उत्तर प्रदेश के परिणाम देखने के बाद कोई भी पार्टी ऐसा नहीं करना चाहेगी। पिछले चुनाव की बात करें तो उस पांच साल पहले कांग्रेस के प्रचार की शुरुआत सोनिया गांधी ने शुरू की थी और अंत तक कमान उन्हीं के हाथ में रही थी।
अब अगर मनीष तिवारी के वक्तव्य की बात करें तो उन्होंने कहा है कि जिस गुजरात को लेकर सभी इतना हो हल्ला कर रहे हैं, वो अलग है। हम असली गुजरात को दुनिया के सामने रखेंगे जो रियल गुजरात है। मोदी और भाजपा जिस गुजरात को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं वो अलग है। गुजरात की जनता इस बार कतई नहीं चाहेगी कि भाजपा फिर से लौटकर आये। मनीष तिवारी ने बताया कि केशुभाई पटेल भी पार्टी से अलग जाकर चुनाव नहीं लड़ेंगे। वो कांग्रेस के ही साथ हैं।
सवाल आपसे- आखिर कांग्रेस मोदी के खिलाफ राहुल को क्यों नहीं खड़ा करना चाहती है? अपने जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें।












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