राहुल गांधी की काबिलियत पर सपा ने उठाई अंगुली

प्रधानमंत्री पद के लिये राहुल गांधी कितने अच्छे उम्मीदवार साबित होगे इस मुद्दे पर बोलते-बोलते मोहन सिंह रुक गये और हंसते हुए कहा कि इसपर कभी व्यक्तिगत तौर पर मिलेंगे तो बात करेंगे। वहीं दूसरी तरफ भाजपा ने भी कहा कि देश में ब्रांड राहुल नाम की कोई चीज नहीं है। पार्टी प्रवक्ता राजीव प्रताव रूडी ने कहा कि राहुल को पिछले आठ साल में कभी किसी बड़े मुद्दे पर बोलते हुए नहीं सुना गया। करप्शन, महंगाई पर राहुल ने कभी कोई शब्द नहीं बोला। न ही कोलगेट पर उनके विचार जनता के सामने आए।
रूडी ने कहा कि जो व्यक्ति 42 की उम्र में फिट नहीं है वो 52 की उम्र में कैसे फिट हो जाएगा। मालूम हो कि ब्रिटेन की मशहूर मैगजीन द इकनॉमिस्ट ने भी राहुल गांधी की राजनीतिक योग्यता को लेकर सवाल खड़े किये हैं। मैगजीन ने लिखा गया है कि राहुल गांधी में प्रधानमंत्री बनने की भूख है। लेख का शिर्षक है "द राहुल प्रॉब्लम" (The Rahul problem)। मैगजीन ने लिखा है कि राहुल गांधी उस परिवार के वशंज हैं जिनका भारत पर शासन करने वाली पार्टी पर जबरदस्त प्रभाव रहा है। राहुल गांधी 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से सबसे विश्वसनीय प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। आगे लिखा गया है कि आने वाले सप्ताह में उन्हें पार्टी में नया पद मिल सकता है या फिर उन्हें मंत्री बनाया जा सकता है। मैगजीन ने साफ लिखा है कि यह कोई नहीं जानता कि राहुल गांधी के पास क्या क्षमता है? इस बात का भी संदेह गहरा रहा है कि खुद राहुल गांधी नहीं जानते कि वह क्या चाहते हैं? ऐसे में उनके प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवारी की योग्यता को लेकर संदेह खड़ा हो रहा है।












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