दर्डा के बाद सांसद नवीन जिंदल पर भी कोयले की कालिख

न्यूज चैनल आईबीएन 7 के हाथ एक दस्तावेज लगे हैं जिसके अनुसार एक और कांग्रेस सांसद का नाम कोल आवंटन में आता दिखाई दे रहा है। इस दस्तावेज के सामने आने के बाद सरकार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मालूम हो कि नवीन जिंदल कुरुक्षेत्र से कांग्रेस सांसद हैं। विजय दर्डा के बाद दूसरे कांग्रेसी सांसद जो आने वाले दिनों में सरकार की मुसीबत बढ़ाएंगे। आईबीएन के पास मौजूद दस्तावेजों के मुताबिक 27 फरवरी 2009 को दो कंपनियों को दो बड़े कोल ब्लॉक का आवंटन किया गया। दोनों ही कोल ब्लॉक उड़ीसा के हैं। एक 300 मेगा मीट्रिक टन और दूसरा 1500 मेगा मीट्रिक टन के। दोनों कोल ब्लॉक को मिलाकर इनकी कीमत 2 लाख करोड़ से ज्यादा होती है। इन कोल ब्लॉकों में से एक कोल ब्लॉक का आवंटन जिंदल की जिंदल स्टील और पावर कंपनी को किया गया। ये कोल ब्लॉक था उड़ीसा के अंगुल में तालचर कोलफील्ड ब्लॉक।
इस कोल ब्लॉक का आवंटन 2009 में किया गया। हैरानी की बात ये है कि इस कोल ब्लॉक का आवंटन केंद्र सरकार द्वारा तय की गई समय सीमा खत्म होने के बाद किया गया। यानि यहां भी नियमों को ताक पर रखा गया। आईबीएन7 के पास मौजूद दस्तावेज से ये बात साफ तौर पर जाहिर होती है। खास बात ये है कि कांग्रेस सांसद जिंदल की कंपनी को हजारों करोड़ रुपये का कोल ब्लॉक उस समय आवंटित की गई जब भारत सरकार की नवरत्न कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड कोल ब्लॉक पाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन कोल इंडिया लिमिटेड को देश में ही मौजूद कोल ब्लॉक आवंटित करने की जगह उसे अफ्रीकी देश मोजांबिक में जाकर कोल ब्लॉक खोजने के लिए कहा गया।












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