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जयपुर की गलियों में बह रहे टीवी, फ्रिज, छतों पर बैठे लोग

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Six dead as heavy rains lash Jaipur
जयपुर। कुछ दिन पहले तक सूखे की दुहाई दे रहे राजस्‍थान में आज इतनी बारिश हो रही है, कि लोग बेहाल हैं। यहां पर बारिश ने पिछले 54 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। जयपुर की स्थिति इतनी ज्‍यादा खराब हो गई है कि यहां 100 से ज्‍यादा कालोनियां डूब गई हैं और सैंकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। आलम यह है कि टीवी, फ्रिज गलियों में बह रहे हैं और लोग छतों पर बैठे हुए हैं। मंगलवार के दिन में भयानक उमस थी, उसके बाद मौसम विभाग का आंकलन कि 24 घंटे के अंदर सामान्‍य बारिश होने की आशंका है। रात को बारिश शुरू हुई तो ऐसी हुई कि बाढ़ ही आ गई। बारिश रात 11 बजे से लेकर सुबह 8:30 तक होती रही। जयपुर में 300 और जयपुर सिंचाई क्षेत्र में 147 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इस भयानक बारिश से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, और लगभग 100 कालोनियों में पूरी तरह से पानी भरा हुआ है।

कालोनियों में हाल बेहाल

जयपुर के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों का रहना मुश्किल हो गया है। लोगों को ऊंचे इलाकों में शिफ्ट किया जा रहा है। अब जयपुर पर भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। एयरपोर्ट में भी पानी घुस गया है। जयपुर आगरा हाईवे को बंद कर दिया गया है। जयपुर का गोविंदपुरी इलाका पूरी पानी से भरा हुआ है। लोग घर की छतों पर बैठे हुए हैं। फर्नीचर, टीवी, फ्रिज सब पानी में बह रहे हैं। अगर बुधवार की शाम तक जल स्‍तर कम नहीं हुआ तो स्थिति बिगड़ सकती है, क्‍योंकि सैंकड़ों घरों में राशन-पानी गलियों घुसे नालों के पानी में खराब हो गया है। नालों से उफान भरती पानी की लहरें घरों के किचन तक में घुस गईं हैं। यानी कई घरों में महीने भर की खाने-पीने की वस्‍तुएं अब खाने लायक नहीं रही हैं। यानी इन इलाकों में अगर सरकार ने खाने-पीने का इंतजाम नहीं किया तो बवाल हो सकता है। स्‍कूलों में छुट्टी

जयपुर प्रशासन ने स्‍कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। शहर की सैकड़ो कालोनियां पानी में डूबी हुई है। दर्जनों मकान गिर गये है। बारिश इतनी भयानक थी कि एक मारूति कार सहित दम्‍पती पानी के बहाव में बह गये। हजारों लोगों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है। सैकड़ों लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया, और राहत कार्य अभी जारी है। ऐसा बताया जा रहा है कि बीती रात इंटरनेट सुविधा ठप होने के कारण मौसम वैज्ञानिकों को मौसम का हाल बताने में दिक्‍कत उठानी पड़ी।

जिला प्रशासन ने आरएसी को अलर्ट कर दिया है। बाढ़ आपदा प्रबंधन के दलों को राहत कार्य के लिए रवाना कर दिया गया है। ऐसा बताया जा रहा है कि 53 साल बाद ऐसी भयानक बारिश देखने को मिली। इससे पहले सन 1959 में ऐसी बारिश हुई थी। इस बारिश में लोगों के घरों में पानी चला गया। डूबे हुए इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्‍थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मकान और दुकानों के साथ-साथ अस्‍पतालों में भी पानी भरा हुआ है, जिससे मरिजों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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English summary
At least six people died in a wall collapse and due to electrocution as heavy rains lashed the Rajasthan capital overnight.
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