सूरज से 1 लाख गुना ज्यादा तापमान पैदा किया वैज्ञानिकों ने

यूरोपीय सेंटर फॉर न्यूक्लियर रिसर्च में वैज्ञानिकों ने सीसे के आयन को टकरा कर 5.5 ट्रिलियन डिग्री सेंटीग्रेड तापमान हासिल किया। इस तापमान पर क्वार्क ग्लुकोन प्लास्मा सब एटोमिक पार्टिकल का वजूद सामने आया। इससे पहले आरएसआईसी न्यूयार्क में इससे ( 5.5 ट्रिलियन डिग्री सेंटीग्रेड तापमान) चालीस फीसदी कम तापमान पैदा करने में कामयाबी मिली थी।
वैज्ञानिकों को भरोसा है कि इसके जरिए वे जान सकेंगे कि ठीक बिग बैंग के बाद कैसे हालात थे। सर्न के प्रवक्ता और वैज्ञानिक पाउलो गियबिलेनो ने कहा कि यह बहुत बड़ी कामयाबी है। इससे यूनिवर्स को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलेगी। वैसे यहां बता दे वैज्ञानिकों ने जो तापमान पैदा किया है उसमें किसी चीज का क्या हाल होगा यह कल्पना से परे है। वह चीज जल कर खाक होने के बाद उसके परमाणु तक बिखर जाएंगे।
गौरतलब है यूनिवर्स के वजूद के पीछे हिग्गस बोसोन कण है, लेकिन कभी भी इसके वजूद के प्रमाण नहीं मिल सके थे। हिग्स बोसोन बनने के कुछ पल में ही नष्ट हो जाता है। लेकिन इस दौरान वह लंबे समय तक टिकने वाले दूसरे कण में बदल जाता है। दुनिया की सबसे बड़ी प्रयोगशाला स्विट्जरलैंड केसर्न में के वैज्ञानिकों ने हाल ही में दावा किया कि था हिग्स बोसोन कण के वजूद के प्रमाण मिल गए हैं। हिग्स बोसोन के बाद वैज्ञानिक ने 5.5 ट्रिलियन डिग्री सेंटीग्रेड तापमान पैदा कर वाकई चमत्कार कर दिया है। अब लगता है यूनिवर्स को हम बेहतर तरीके से समझने के करीब पहुंचते जा रहे हैं।












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