साहसी हिंदुओं ने बचाई हजारों मुसलिमों की जान

सिलेंडर में आग के कारण आसपास खड़े बाइक और स्कूटर आग की चपेट में आ गए। इस दौरान में मची भगदड़ में छह लोग घायल भी हो गए। बेगमाबाद शाही जामा मस्जिद में सुबह 9:30 बजे ईद-उल-फितर की नमाज शुरू हुई थी। करीब 10 बजे मस्जिद के पास चाऊमीन-बर्गर की ठेली में आग लग गई। आग लगते ही अंदर मौजूद नमाजी मस्जिद की छत पर चढ़ गए। फिर भगदड़ मच गई। आग के कारण ठेली के पास खडे़ दो स्कूटर और एक बाइक जल गए।
अपनी जान जोखिम में डालकर एक हिंदू सिपाही विजयपाल ने बेगमाबाद निवासी किशनपाल नेहरा की मदद से सिलेंडर में लगी आग बुझाई । उनकी बहादुरी का ही कमाल था कि हजारों नमाजी आग की चपेट में आने से बच गए।
मस्जिद कमेटी ने बहादुर सिपाही विजयपाल, इस्लाम, फुरकान और बेगमाबाद निवासी किशनपाल नेहरा को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। आग बुझाने में दो युवक इस्लाम औऱ फुरकान ने उनकी मदद की। उन्हें भी इसलिए सम्मानित किया गया। कुछ और संगठन भी इन लोगों को सम्मानित करने पर विचार कर रहे हैं। जिन्होंने आज के बिगड़ते माहौल में भाई-चार का बेमिशाल सौगात दी है। चाऊमीन की ठेली का मालिक कौन था यह पुलिस को पता नहीं चल सका है। ठेली पर घरेलू गैस सिलेंडर इस्तेमाल हो रहा था। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।












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