इस्लाम के खिलाफ जाकर निकाह करना चाहती हैं 2 लेस्बियन सहेलियां

छपार की सुल्ताना और देवबंद थाना क्षेत्र के बचीटी गांव की फातिमा (दोनों काल्पनिक नाम) की मुलाकात दो साल पहले सहारनपुर में एक निकाह के दौरान हुई थी। दोस्ती परवान चढ़ी, तो सुल्ताना से मिलने को फातिमा छपार आने लगी। फातिमा के आने का सिलसिला बढ़ता गया। इस रिश्ते में फातिमा खुद को बीबी मानती थीं। जबकि सुल्ताना शौहर की तरह खुद को पेश करती थी।
इन दोनों के कारण इन दोनों के परिवार भी नजदीक आ गए। लेकिन दोनों परिवारों को इनके बीच पनपते समलैंगिक आकर्षण एवं लेस्बियन रिलेशन की परिवारों को भनक नहीं लग पाई। पांच अगस्त को सुल्ताना छपार से फातिमा के साथ फरार हो गई। सुल्ताना के पिता ने फातिमा और उसके भाइयों के खिलाफ बेटी को भगा ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस तभी से लड़कियों की तलाश में जुटी थी। सुरागरसी पर छपार पुलिस ने उत्तराखंड के रुड़की शहर में एक मकान में छापा मारा, जहां दोनों सहेलियां मिल गईं। पुलिस इन्हें छपार ले आई। छपार से मुजफ्फरनगर के महिला थाने लाकर पूछताछ की गई, तो इन्होंने अपने रिश्तों का राज खोल दिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुल्ताना शौहर और रिहाना बीवी बन और बाकायदा निकाह कर साथ रहना चाहती हैं।
घर से चले जाने के बाद दोनों सहेली एक रात दिल्ली में रहीं। वहां से ये रुड़की आ गईं। एक परिचित ठेकेदार ने दोनों को एक फैक्ट्री में नौकरी दे दी है। साथ ही रहने के लिए घर भी दिला दिया 17 अगस्त को वेतन मिलने के बाद दोनों की योजना निकाह करने की थी। हालांकि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि इस्लाम में इस तरह की शादी की मनाही है।












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