कीमा मटर, चिकन रोल के मजे ले रहा अबू जुंदाल

सूत्र बता रहे हैं कि मुंबई हमले (26/11) में शामिल अजमल कसाब की तरह ही सईद जबीउद्दीन अंसारी उर्फ अबू जुंदाल सहरी के लिए भेजा फ्राई और मलाई की मांग करता है। किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत होने से बचाने के संकट के चलते जुंदाल की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी भी इसका इंतजाम करने को मजबूर हैं। इससे पहले अगस्त, 2009 में कसाब ने मटन बिरयानी की मांग करते हुए दिया गया खाना खाने से इन्कार कर दिया था।
मुंबई एटीएस के एक अधिकारी ने बताया कि लश्कर आतंकी हर सुबह खजूर, दूध, मलाई, कीमा और भेजा फ्राई मांगता है। इनका इंतजाम करना काफी मुश्किल हो जाता है, लेकिन हम किसी की धार्मिक भावनाओं को चोट नहीं पहुंचाना चाहते, फिर चाहे वहआतंकी ही क्यों न हो। हर रोज पांच बजे से पहले एक कांस्टेबल इंतजाम करने के लिए बाहर भेजा जाता है। कई बार कांस्टेबल को भिंडी बाजार या मोहम्मद अली रोड तक जाना पड़ता है।
जेल कर्मियों के मुताबिक कई बार कार्यालय के नजदीक मौजूद मुस्लिम संगठनों या रोजा रखने वाले लोगों से भी इंतजाम करने को कह देते हैं। इसमें ध्यान रखा जाता है कि उसका खाना ज्यादा तीखा न हो। जुंदाल महाराष्ट्र के बीड़ इलाके का रहने वाला है। उसे जून में सऊदी अरब से प्रत्यर्पित किया गया था। जुंदाल ने ही मुंबई हमले में आईएसआई और उसके अफसरों की भूमिका के बारे में जानकारी दी है।
एक अंग्रेजी अखबार ने इस बात का खुलासा किया है कि रोजा के वक्त कुछ और आतंकी इस प्रकार की मांगें करते हैं और सरकार सांप्रदायिक उन्माद न भड़के इसलिए स्वदेशी कैदियों को भी इस प्रकार के कुछ व्यंजन परोसती है जिसमें चिकेन प्रमुख है। अखबार के अनुसार, काला चौकी के एटीएस लॉक-अप में जिंदाल बंद है । उसकी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को डर है कि मांगें पूरी न होने पर कोर्ट में जिंदाल उनके खिलाफ गलत आरोप लगा सकता है।












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