कार के लिए मासूम की कर डाली हत्‍या

Killed innocent they wanted to buy a car
दिल्ली (ब्यूरो)। जब कार ही जिंदगी में स्टेटस सिंबल बन जाए तो क्या होगा, इसका सबसे खराब उदाहरण क्या हो सकता है कि 19 साल और 15 साल के दो किशोरों ने एक बच्चे का अपहरण कर लिया और फिर गला दबा कर हत्या कर दी। इरादा था फिरौती से मिले पैसे से एक पुरानी कार खऱीदेंगे और ऐश करेंगे। टीवी सीरियलों से प्रभावित इन किशोरों ने अपहरण करने के तुरंत बाद बच्चे की हत्या कर दी। वे इतने शातिर थे कि 15 दिन तक उन्होंने न तो पुलिस और न ही पड़ोसी सोनू को वारदात की भनक लगने दी। मासून का पिता गाजियाबाद के लट्ठमार कालोनी निवासी सोनू नोएडा की एक फैक्ट्री में टैक्सी चलाता है। उसने 5 जलाई को ही अपने इकलौते बेटे यश का दूसरा जन्मदिन धूमधाम से मनाया था।

बोरे में डाल शव हिंडन नदी में फेंक दिया। 7 माह से बंद सिम कार्ड को रिचार्ज कराकर बच्चे के पिता से एक लाख रुपये की फिरौती भी मांगी। पुलिस ने इसी कॉल से उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें दबोच लिया। हालांकि हिंडन नदी से अभी शव बरामद नहीं हो सका है।

प्रदीप (19) और मोहन ( बदला हुआ नाम) 15 वर्षीय दोस्त है। बीकॉम स्टूडेंट प्रदीप विजयनगर की लठमार कालोनी में रहता है और नोएडा की एक एक्सपोर्ट कंपनी में काम भी करता है। प्रदीप का साथी 11 में पढ़ता है और वह भी विजयनगर में ही रहता है। 21 जुलाई को उन्होंने साजिश बनाई। दोस्त के परिवारवाले गोवर्धन गए थे। 23 जुलाई को सुबह 10 बजे साजिश के तहत घर के बाहर खेल रहे यश को उन्होंने केला दिखाकर आने का इशारा किया। यश जब उनके पास आया तो प्रदीप ने उसे केला देकर गोद में उठा लिया। वह यश को लेकर दोस्त के घर पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसने गला दबाकर मासूम की हत्या कर दी। शव को बोरे में डाला और करीब साढ़े 10 बजे छिजारसी की ओर हिंडन में फेंक दिया और घर आकर आराम से आम दिनों की तरह रहने लगा। प्रदीप ने घर में पड़े मिले एक रिश्तेदार के सिमकार्ड को रिचार्ज कराया। सिमकार्ड तीन माह से बंद था, लेकिन उस पर लाइफ टाइम इनकमिंग सुविधा उपलब्ध थी। प्रदीप ने इसी नंबर से सोनू को फोन कर बच्चे को रिहा करने के नाम पर एक लाख रुपये मांगे। सोनू ने विजयनगर पुलिस को सूचना दी, पुलिस ने मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर इन्हें धर दबोचा। बच्चे के कपड़े और सैंडिल बरामद हो गए हैं। दोनों ही फिरौती की रकम से एक कॉल सेंटर की बिक रही कार खरीदना चाहते थे।

प्रदीप ने बताया कि नोएडा के कॉल सेंटर में सेकेंड हैंड कार बिक रही थी। वह कार खरीदकर टैक्सी में चलाता है और पैसे कमा कर अंबानी बनना चाहता था। हालांकि उसे अंबानी ( मुकेश या अनिल) के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है। बस यों ही बड़ा आदमी बनना चाहता था। उसके दिमाग में यह बात घर कर गई थी, बिना पैसा समाज में कोई सम्मान नहीं है। पैसा कमाने के लिए हर जुल्म जायज है।

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