आकर हिम्मत उधार ले जाएं आडवाणी: बाल ठाकरे

इसपर ठाकरे ने कहा कि हमारा लक्ष्य कांग्रेस को हटाना है, लेकिन अगर सेनापति में ही दम न हो तो फिर क्या होगा। उन्होंने कहा कि आडवाणी के अंदर जीत की हिम्मत ही नहीं बची है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सीबीआई की मदद से दूसरे दलों का समर्थन जुटाती है। अगर आडवाणी यह जानते है तो फिर क्यों डरते है। उन्होंने कहा कि भाजपा के अंदर जो भी हो लेकिन पहले कांग्रेस को दूर करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच की बात बाद की बात है। पहले लोकसभा चुनाव पर धयान केंद्रीत करना चाहिए। ठाकरे ने कहा कि ब्लॉग तो बेकार की चीज है, असली लड़ार्इ तो मैदान में होती है। अगर आडवाणी हिम्मत हार जाएंगे तो उनके घटक दलों का क्या होगा।
उन्होंने कहा कि अगर एनडीए सेनापति ही ऐसा करते रहेंगे तो 2014 लोकसभा चुनाव में बाकि दल क्या करेंगे। कांग्रेस के हाथ से सत्ता हथियाने के लिए एनडीए के साथ शिवसेना, अकाली दल, जेडीयू है। उन्होंने कहा कि और दूसरे लोग भी उनसे जुडेंगे। आडवाणी के ब्लॉग ने राजनीतिक भूचाल खड़ा कर दिया है। दूसरी तरफ कांग्रेस भाजपा की खिल्ली उड़ा रही है।












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