स्वामी प्रसाद मौर्य बने बसपा के राष्ट्रीय महासचिव

उन्होंने बताया कि मौर्या को पार्टी में उनके योगदान एवं कुशवाहा, सैनी, शाक्य, मौर्य तथा अन्य पिछड़े वर्ग के लोगों को बसपा आंदोलन से जोड़कर पार्टी का जनाधार बढ़ाने में उनकी भूमिका को और ज्यादा बल देने के लिये ही उन्हें पार्टी महासचिव बनाया गया है। सिद्दीकी ने मायावती के बयान के हवाले से किसी का नाम लिये बगैर कहा कि उनकी पार्टी के कुछ स्वार्थी लोगों ने विरोधी दलों के हाथों में खेलकर काफी घिनौना कार्य किया है, लेकिन अच्छी बात यह है कि पार्टी अध्यक्ष मायावती ने ऐसे स्वार्थी तत्वों की हरकतों की सजा कभी उनके समाज को नहीं दी है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल कुछ स्वार्थ लोगों की ही वजह से पार्टी इस बार विधानसभा चुनाव हार गई| हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया लेकिन मायावती के इस बयान से यह साफ़ हो चुका है कि जल्द ही पार्टी के बड़े नेताओं पर गाज गिरने वाली है| अब यह गाज किन नेताओं पर गिरेगी, यह तो माया के फैसले के बाद ही पता चल पायेगा|












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