सावन के अंतिम सोमवार को हर तरफ बम भोले

वहीं ठाकुरगंज स्थित बाघ बरी सिद्ध पीठ में भगवान शिव का एक सौ एक लीटर दूध से रूद्राभिषेक किया गया। इसके अलावा कोनेश्वर, बुद्धेश्वर, सिद्धनाथ, कल्याण गिरि और अन्य शिव मंदिरों में बड़ी सं या में लोगों ने पूजा की और बेलपत्र चढ़ाये। शिव की नगरी कही जाने वाली वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए भी भक्तों की भारी भीड़ रही।
वाराणसी का हर कोना केसरिया रंग से रंग गया। लोंगो का मानना है कि सावन के अंतिम सोमवार को विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक से स्वार्थसिद्ध की प्राप्ति होती है। वाराणसी में एक लाख से ज्यादा कांवरिये जलाभिषेक के लिए वाराणसी पहुंचे। वाराणसी नगरी बोल बम एवं हर हर महादेव के गूंज से गूंज उठी। गंगा स्नान के बाद गंगा जल लेकर .बोल बम. के नारों के बीच कांवरिये लाइन में लगकर बाबा का दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए घण्टों इंतजार करना पड़ा।
थकान से चूर एवं पावों में पड़े छालों के बावजूद सबका एक ही ध्येय है दर्शन। इस बार कांवरियों में बड़ी सं या में महिलाएं भी हैं।
यहां सुरक्षा के भी पु ता के इंतजाम किये गये हैं। विश्वनाथ मन्दिर, घाटों एवं कैन्ट रेलवे स्टेशन समेत कांवरियों के आने वाले रास्ते में सुरक्षा के कड़े इन्तजाम किये गये हैं। मंदिर परिसर को छह जोन और छह सेक्टरों में विभाजित किया गया है। तीस मजिस्ट्रेटों की नियुक्ति की गयी है। पहले से ही जिले में आठ एडिशनल एसपी, 24 सीओ के साथ बड़ी सं या में सिपाहियों की फौज तैनात की गयी।
पुलिस अधीक्षक नगर संतोष सिंह ने बताया कि पुलिस के अलावा तीन क पनी पीएसी के साथ दो क पनी आरएएफ बढ़ा दी गयी है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह जगह सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं। यहां मेले और पूजा अर्चना के लिए प्रशासन ने खासा इंतजाम किये थे।












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