फेसबुक बना वरदान, 34 साल बाद परिवार से मिली महिला

इस बात को सुनने के बाद शायद आप ये सोचे कि ऐसा क्या हो गया कि सोशल नेटवर्किंग किसी के लिए वरदान बन गयी है ? तो चलिए आप को बताते चलें कि हम ऐसा क्यों कह रहे हैं।
दरअसल बात ये है कि एक महिला ने पूरे 34 वर्ष बाद अपने परिवार को खोज निकाला वो भी इसी सोशल नेटवर्किंग के एक माध्यम फेसबुक से । आपको बता दें कि परिवार द्वारा महिला को मृत मान लिया था। समाचार पत्र द सन में प्रकाशित खबर के अनुसार सुसान अरड्रॉन 1975 में दक्षिण अफ्रीका में बस गईं थी।
सुसान 1978 में एक कार दुर्घटना में गम्भीर एम्नेसिया (भूलने की बीमारी) की शिकार हो गईं। सुसान के संबंध उसके पति के साथ बहुत ज्यादा ही खबर्ब थे इसी बात के चलते उसके पति ने घायल सुसान को दुर्घटनास्थल पर बिना किसी पहचान पत्र के छोड़ दिया था।
जिसके बाद सुसान का पति अपने चार बच्चों को साथ लेकर ब्रिटेन लौट आया। ब्रिटेन में रह रहे महिला के परिवार ने उसके वापस लौटने की उम्मीद छोड़ दी थी ।
गौरतलब है कि इलाज करा रही सुसान कि तबियत ठीक होने लगी साथ ही उसकी याद्दाश्त भी पहले से बेहतर हो गयी। इसके बाद जोहांसबर्ग में उसकी देखरेख करने वाले परिवार ने फेसबुक की सहायता से ब्रिटेन में रह रहे महिला के परिजनों को खोजने में सहायता की।
सुसान के भाई कोलिन ने कहा, जब हमें सुसान की तस्वीर फेसबुक पर भेजी गई तब मैं जाना कि वाकई वह ही है। अब सुसान की बहनों ने ब्रिटेन के गृह मंत्रालय से सुसान को पासपोर्ट जारी करने की मांग कर रही हैं ताकि उसे वापस लाया जा सके।
तो इस खबर को पढने के बाद आप जरूर सामझ गए होंगे कि हमने ऐसा क्यों कहा था कि सोशल नेटवर्किंग किसी के लिए वरदान बन सकता है।












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