अरे ये क्या जयराम रमेश ने भारतीय रेल को टॉयलेट कहा!

रमेश ने सारे देश की लाइफ लाइन कही जाने वाली भारतीय रेलवे पर सवालिया निशान लगाते हुए उसे दुनिया का सबसे बड़ा खुला शौचालय बताया है।
एक सरकारी कार्यक्रम में जैव-शौचालयों के लिए धन मुहैया कराए जाने के संबंध में बोलते हुए जयराम रमेश ने कहा है कि भारतीय खुले में शौच करने के मामले में दुनिया में नंबर एक हैं। उन्होंने ये भी कहा कि दुनिया में खुले में होने वाले शौच का 60 फीसदी भारत में होता है। यह एक बड़ी ही चिंता का विषय और बड़े ही शर्म की बात है।
रमेश ने कार्यक्रम में बोलते हुए ये भी कहा कि , 'भारत में रेलवे स्वच्छता के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। यह दुनिया का सबसे बड़ा खुला शौचालय है। यहां 11 लाख यात्री प्रतिदिन खुले में शौच करते हैं। जिनको रोकना अपने आप ने एक बहुत बड़ी बात है।
जयराम का मानना है कि खुले शौचालयों की तस्वीर बदलनी चाहिए उन्होंने इस बात पर भी बल दिया की ऐसा तभी हो सकता है जब लोग खुद इस मुद्दे पर अपना ध्यान आकर्षित करें।
कार्यक्रम के दौरान दिए गए अपने भाषण में जयराम ने रेलवे द्वारा भविष्य की एक नयी योजना के बारे में बताते हुए कहा कि रेलवे ट्रेन के नए डिब्बों में अब बायोडिग्रेडेबल यानी ग्रीन टॉयलेट लगाए जाने की पहल कर चुकी है।
जिसके लिए 500 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। रमेश ने ये भी कहा कि साल 2016 तक मौजूदा सभी 43 हजार ट्रेनों में खुले शौचालयों की जगह ग्रीन टॉयलेट लगा दिए जाएंगे।
गौरतलब है की रेलवे ने इस योजना का सारा दारोमदार डीआरडीओ को दिया है जिसके लिए डीआरडीओ तकनीक मुहैया करवाएगा। इस योजना के लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय की तरफ से अपनी पहल के बारे में बताते हुए रमेश ने कहा कि ट्रेन के शौचालयों को बायोडिग्रेडेबल बनाने का काम जल्दी और तेज ढंग से हो इसके लिए इस पूरी परियोजना का आधा खर्च ग्रामीण विकास मंत्रालय भी उठाएगा।












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