नाले में डूब कर मरा मासूम, स्कूल को खबर नहीं

इस मामले में पुलिस अब स्कूल और नगर निगम की लापरवाही की जांच कर रही है। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रह्लादगढ़ी गांव में रह रहे इलेक्ट्रीशियन विनोद गायकवाड़ का बेटा सनी उर्फ गणेश होली मदर्स पब्लिक स्कूल में अपनी दो बहनों के साथ पढ़ता था। स्कूल की छुट्टी के बाद उसकी बहन ने जब सन्नी को नहीं देखा तो टीचर को बोला। फिर बच्चे की तलाश शुरू हुई। स्कूल वालों ने घरवालों को खबर दी।
दोपहर करीब 3 बजे कांप्लेक्स की एक दुकान के सामने नाले में तनिष्क का हाथ दिखा तो लोगों ने उसे निकाला।तब तक पानी पीने से उसकी मौत हो चुकी थी। साफ है कि लापरवाही गाजियाबाद नगर निगम की है। नालों को ऐसे खोले रखने से हादसा नहीं होगा तो और क्या होगा। लापरवाही स्कूल की भी है कि आखिर स्कूल से सन्नी समय से पहले कैसे निकल गया? क्या स्कूल से बाहर निकलते सन्नी को किसी ने नहीं रोका? अगर यह स्कूल है तो इस देश का भगवान ही मालिक है।
प्रहलाद गढ़ी निवासी विनोद ने तनिष्क (4) का दाखिला वसुंधरा सेक्टर-16 के होली मदर पब्लिक स्कूल में नर्सरी में एक दिन पहले ही कराया था। बृहस्पतिवार सुबह वह स्कूल गया था। छुट्टी होने पर 12.30 बजे जब तनिष्क की मां ज्योति उसे लेने स्कूल पहुंची तो उसकी बेटी मिली । उसने कहा सन्नी नहीं मिल रहा है। यह सुनते ही ज्योति के होश उड़ गए। इस बीच स्कूल वाले मोबाइल पर ज्योति को सन्नी के गायब होने की सूचना दी। उस समय ज्योति स्कूल गेट पर ही थी। परिजनों ने इस मामले में स्कूल प्रबंधन को दोषी मानते हुए उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर नगर आयुक्त का कहना है कि नगर निगम की लापरवाही सामने आने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अस्पताल के बाहर विलाप करती ज्योति ने स्कूल वालों पर हत्या का आरोप लगाया। ज्योति का कहना है कि जब सन्नी करीब 11 बजे ही गायब हो गया था तो स्कूल प्रबंधन ने क्यों नहीं बताया? ज्योति ने कि उनकी बेटी तनु भी उसी स्कूल में पहली क्लास में पढ़ती है। लंच ब्रेक के दौरान जब वह भाई के साथ खाना खाने पहुंची तो स्कूल टीचर ने उसे क्लास में जाने को कहा। इसके बाद जब 12.30 बजे वे तनिष्क को लेने पहुंची तो तनु ने भाई के खोने की बात कही। तीन बजे दुकानदार ने जब सन्नी को नाले से निकाला तो परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर भागे। मगर तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
मां ने खुद को कोसते हुए कहा कि उसे स्कूल भेजना ही नहीं चाहिए था। वहीं छह साल की तनु को पता ही नहीं कि उसका भाई इस दुनिया में नहीं रहा है। उसने बताया कि भाई अस्पताल में है और मां उसे लेकर आएगी। दरअसल नाले में जहां तनिष्क गिरा उस स्थान से नाले की स्लैब गायब थी। लोगों ने बताया कि निगम कर्मियों ने सफाई के लिए नाले को खोला था। इसके बाद इसे ढका ही नहीं गया। प्रिंसिपल परवेज ने कहा छुट्टी के बाद कुछ बच्चों क्लास रूम में झगड़ने लगे। इसी दौरान सनी पिछले गेट से निकल कर बाहर चला गया। हालांकि परवेज भागा हुआ है। वह मोबाइल पर अखबार वालों से बात कर रहा है। उसके स्कूल का यह हाल है कि बाहर बोर्ड तक नही लगा है। दो कमरों में पूरा स्कूल चलता है।वहां कैसी पढ़ाई होती होगी यह भगवान ही जानता है।












Click it and Unblock the Notifications