यूपी में वार्ड ब्वॉय के इंजेक्शन देने की घटना की जांच करने पहुंचे डीजी हेल्थ

हमले के दौरान एक पत्रकार का कैमरा लूट लिया गया और दो के कैमरे तोड़ दिये गए। घटना का विरोध कर रहे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने डीजी स्वास्थ्य और सीएमओ के विरूद्ध नारेबाजी भी की। जिलाधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि जिला अस्पताल में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों द्वारा मरीजों के टांके लगाये जाने का मामला प्रकाश में आया था जिसकी जांच के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने आदेश दिए थे।
उन्होंने बताया कि मंगलवार को अपर निदेशक स्वास्थ्य मेरठ मण्डल वीके शर्मा द्वारा जांच के बाद आज उप्र शासन से परिवार कल्याण महानिदेशक डॉ चिरंजी लाल को पुन: जांच अधिकारी के रूप में बुलंदशहर चिकित्सालय भेजा गया था । रिणवा ने बताया कि एक घंटे की जांच करने के बाद सीएमओ के कार्यालय के बाहर, मीडियाकर्मियों ने उनसे जांच के बारे में वार्ता करनी चाही। इसी दौरान सफाईकर्मी एवं वार्ड ब्याय हाथों में डंडे लेकर आये और सीएमओ की मौजूदगी में पत्रकारों पर कथित हमले करने लगे।
करीब दस मिनट तक चली इस मारपीट में करीब आधा दर्जन पत्रकारों को चोटें आई, दो दैनिक अखबारों के कैमरामैनों के कैमरे टूट गये और एक इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकार का कैमरा लूट लिया गया।घटना के बाद डीजी स्वास्थ्य डा चिरंजीलाल और सीएमओ एच सी दानू वहां से चले गये।
इस घटना के विरोध में नगर के सामाजिक संगठन एवं अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के लोगों ने पत्रकारों पर हुये हमले के विरोध में धरना प्रदर्शन किया। बुलंदशहर के जिलाधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि विगत चार जुलाई को खुर्जा तहसील के सैन्डा फरीदपुर निवासी उमेश का पुत्र दीपक दुर्घटना में घायल हो गया था। राहगीर उसे जिला अस्पताल ले गए जहां अस्पताल के सफाई कर्मचारी एवं वार्ड ब्वाय ने उसे टांके लगाए जिससे दीपक के परिजनों ने वहां हंगामा किया।












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