दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन होने जा रहा है महंगा

सूत्रों ने बताया कि सरकार ने परिवहन विभाग को आदेश किया है कि वह कम से कम तीन तरह के किराये के स्लैब तैयार करे। जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने पाए। बताया जा रहा है कि प्रथम पांच रुपये के टिकट में बढोतरी नहीं होगी। बीच औऱ अंतिम स्थान के लिए यात्रा में 2 से चार रुपये की बढोतरी हो सतती है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली में डीटीसी व कलस्टर सेवा को मिलाकर करीब छह हजार बसें, 55 हजार ऑटो तथा 13 हजार सीएनजी टैक्सी हैं। डीटीसी बसों के किराये में नवंबर 2009 में वृद्धि की गई थी, वहीं ऑटो व टैक्सी का किराया जून 2010 में बढ़ाया गया था। ऑटो-रिक्शा चालक संघों के अनुसार उस वक्त दिल्ली में एक किलो सीएनजी गैस की कीमत 21.90 रुपये थे। जबकि आज इसकी कीमत 38.35 रुपये पहुंच गई है और किराया एक रुपये भी नहीं बढ़ा है। सरकारी सूत्रों की मानें तो कलस्टर बस संचालक भी किराया बढ़ोतरी का दबाव दिल्ली सरकार पर डालने लगे हैं।
भाजपा कर रही है विरोध
बस औऱ आटो के किराये की सुगबुगाहट देखते हुए भाजपा ने विरोध करने शुरू कर दिया है। वह बसों में बैठे यात्रियों तक से कह रहे हैं कि वे इस बाबत सतर्क रहें।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री विजय गोयल ने डीटीसी की बसों में चढ़कर इसके लिए यात्रियों से गुहार लगा कि वे सभी लोग मिलकर शीला सरकार का विरोध करें। गोयल ने कहा, कांग्रेस की केंद्र व दिल्ली की सरकार ने एक अक्टूबर 2011 में जो सीएनजी 32 रुपए की थी वह नौ महीनों में बढ़ाकर 38.35 रुपये कर दी है। सीएनजी के बाद अब सरकार पीएनजी (पाईप नेचुरल गैस) के दाम भी बढ़ाएगी और इससे घरों में खाना बनाने वाली गैस के दाम भी बढ़ जाएंगे। पहले तो सरकार ने लोगों से कहा कि आप अपने गैस सिलेंडर छोड़कर पीएनजी गैस लो, अब पीएनजी के दाम बढ़ेंगे तो लोग कहा जाएंगे? विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली की काग्रेस सरकार सिर्फ महंगाई देने वाली सरकार है।












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