भारत ने खरीदे गांधी से जुड़े दस्तावेज

नीलामीकर्ता सोथबी ने कहा कि यह करार एक निजी सौदे के तहत किया गया है। हालांकि उन्होंने इस बारे में खुलासा नहीं किया कि भारत सरकार ने इन दस्तावेजों के लिए कितना धन चुकाया।
नीलामीकर्ता की ओर से कल जारी बयान में कहा गया कि वह यह घोषणा करते हुए बहुत खुश है कि गांधी, कालेनबाख अभिलेखागार को एक निजी सौदे में भारत सरकार को बेच दिया गया है।
इन अभिलेखों की पहले 10 जुलाई 2012 को नीलामी होनी थी। इन दस्तावेजों की आज नीलामी होनी थी लेकिन नीलामीकर्ता और भारतीय संस्कृति मंत्रालय के बीच शुक्रवार को करार होने के बाद नीलामी रद्द कर दी गई।
अभिलेखागार को शोधकर्ताओं और इतिहासकारों के लिए बेहतरीन संसाधन माना जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के विशेषग्यों के एक दल ने हाल में इन दस्तावेजों की जांच की थी जिन्होंने इसे बहुत अच्छी तरह से संरक्षित किया हुआ बताया था।
इन दस्तावेजों में कई ऐसे पत्र भी शामिल हैं जो गांधी और दक्षिण अफ्रीकी मित्र कालेनबाख के बीच विवादित रिश्ते पर प्रकाश डालते हैं।












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