नाटो आपूर्ति द्वार खोलने पर पाक से खफा है तालिबान

प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ की अध्यक्षता में सुरक्षा विषयों पर पाकिस्तान की शीर्ष निर्णायक निकाय की बैठक में यह निर्णय किया गया । इस बैठक में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल अशफाक परेवज कियानी भी मौजूद थे।
पाकिस्तान की रक्षा मामलों से जुड़ी मंत्रिमंडल समिति ने यह भी निर्णय किया कि पाकिस्तानी अपने क्षेत्र से विदेशी सैनिकों की आवाजाही और आपूर्ति के लिए कोई पारगमन शुल्क नहीं लेना जारी रखेगा। सूचना मंत्री कमर जमां कायरा ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, धन कोई विषय नहीं था (नाटो के आपूर्ति मार्ग को खोलने के लिए) इससे पहले, अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के नाटो के हमले में पाकिस्तान के सैनिकों के मारे जाने पर अफसोस व्यक्त करने के बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के लिए नाटो के महत्वपूर्ण आपूर्ति मार्ग को फिर से खोलने का निर्णय किया।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष नवंबर में सीमा पार से हुए नाटो के हमले में 24 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने के बाद आपूर्ति मार्ग को बंद कर दिया गया था। हिलेरी ने टेलीफोन पर पाकिस्तनी विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार से बात की और उन्हें बताया गया कि अफगानिस्तान के लिए जमीनी आपूर्ति मार्ग (जीएलओसी) को खोला जा रहा है। हिलेरी ने अपने बयान में कहा कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और क्षेत्र की वृहद शांति और सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए कोई पारगमन शुल्क नहीं लेगा।
इस बीच काबुल से एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी कमांडर ने पाकिस्तान में नाटो के आपूर्ति मार्ग खोले जाने का स्वागत किया है। हिलेरी ने पिछले वर्ष 26 नवंबर को नाटो के हमले पर अमेरिका की ओर से गहरा अफसोस जताया और कहा कि वह और खार इस गलती को स्वीकार करते हैं जिसके कारण पाकिस्तन के सैनिकों की मौत हुई।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, मैं मृत सैनिकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं जिन्होंने अपनी जान गंवायी। हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है ताकि फिर से ऐसी घटना नहीं हो।
पाकिस्तान काफी समय से यह मांग करता रहा है कि अमेरिका को उस घटना के लिए माफी मांगनी चाहिए जिसमें पाकिस्तानी सेना के 24 जवानों की मौत हो गई थी, तभी अफगानिस्तान के लिए आपूर्ति मार्ग को खोला जा सकता है।












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