अंग्रेजी में होगा 'यदा-यदा हि धर्मस्य…

आपको बताते चलें कि आर्थिक व सामाजिक-राजनीतिक संस्थान 'सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च' के प्रोफेसर बिबेक इससे पहले वेद, पुराण, भगवद् गीता और उपनिषदों का अनुवाद भी कर चुके हैं। उन्होंने 2009 में अंग्रेजी में महाभारत का पहला खंड प्रकाशित किया।
देबरॉय ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बात का कोई जवाब नहीं है कि मैं महाभारत का अनुवाद क्यों करना चाहता था। मुझे अंदर से ऐसा लगा और मैंने महसूस किया कि मुझे अपनी इस अंदर की आवाज को सुनने व ऐसा करने की आवश्यकता है। अब तक बिबेक महाभारत के पांच खंड प्रकाशित कर चुके हैं। बिबेक का कहना है कि अंग्रेजी में महाभारत का अभी तक कोई भी अनुवाद उपलब्ध नहीं है और जो है भी वे बहुत ही छोटे हैं।
वह मानते हैं कि अंग्रेजी की एक नई पीढ़ी खड़ी हो चुकी है और उनकी भाषा के अनुकूल अभी तक महाभारत का ऐसा कोई भी अनुवाद नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ऐसे में जब लोकल भाषा की समझ बहुत कम रह गई है और लोगों का संस्कृत ज्ञान भी सिमटकर अपनी अंतिम सांसे ले रहा है, तब किसी न किसी को तो पहल करनी ही थी।बिबेक का यह महाभारत 11 खंडों में प्रकाशित होगा जिसका छठा खंड भी उन्होंने तैयार कर लिया है।
साथ ही उनका ये भी कहना है कि वह अपने बाकी कामों से समय निकाल कर 1500-2000 शब्दों का एक अध्याय प्रतिदिन लिखने की कोशिश करते हैं और अंतिम 11वां खंड 2014 तक पूरा कर लेंगे। उनका मानना है कि जमाना भले ही बदल गया हो लेकिन महाभारत की प्रासंगिकता अब भी बनी हुई है क्योंकि इसकी घटनाएं मानवीय संवेदनाओं से जुड़ी हुई हैं।












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