महानगर में बढ़ा डिजिटल लगाने का समय

पहले चरण में 1.23 करोड़ सेट-टॉप बॉक्स की जरूरत पड़ेगी। केबल ऑपरेटरों ने भी सरकार से डिजिटाइजेशन की तारीख आगे बढ़ाने की मांग थी। हालांकि केबल ऑपरेटर फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष रूप शर्मा का कहना है कि सरकार ने काफी कम समय दिया है। केबल ऑपरेटरों को कम से कम 6 महीने का समय मिलना चाहिए था। उन्होंने बताया कि यह कानून जबरदस्ती केबल ऑपरेटर और उपभोक्ताओं पर थोपे जा रहे हैं। गरीब जनता सेट टॉप बॉक्स का खर्च देने को तैयार नहीं है। उन्होंने बताया कि अमेरिका में जब डैस लागू किया गया था तो उपभोक्ताओं को 40-40 डॉलर दिए गए थे।
उधर, एस्सेल ग्रुप के लीगल एंड रेगुलेटरी अफेयर्स के प्रेसिडेंट ए मोहन का कहना है कि ऑपरेटरों द्वारा समय सीमा की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने डेडलाइन को बढ़ाया है। ए. मोहन के मुताबिक सरकार ने जनहित में फैसला लेते हुए डिजिटाइजेशन की डेडलाइन को 4 महीने और बढ़ाने की तैयारी दिखाई है। सरकार ने सभी ऑपरेटरों से डिजिटाइजेशन को लागू करने पर दोबारा सुझाव मंगवाए हैं। माना जा रहा है कि सरकार की सख्ती से ऑपरेटरों के सुझाव पर नजर रहेगी।












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