मिश्र के उपराष्ट्रपति हुस्नी मुबारक को ब्रेन हैमरेज, मौत के बेहद करीब

बाद में एजेंसी ने कहा कि जेल के अधिकारियों ने आघात के इलाज के लिए डॉक्टर को बुलाया क्योंकि उनकी तबियत तेजी से बिगड़ रही थी। उनके शरीर में जमे रक्त के थक्कों को खत्म करने के लिए उन्हें दवाएं भी दी गईं। मुबारक को जेल से बाहर लाने पर जनता का गुस्सा भड़क सकता है। लोगों को संदेह है कि सुरक्षा और सैन्य अधिकारी पूर्व राष्ट्रपति के लिए सहानुभूति रखते हैं और उनके इलाज को खास महत्व दिया जा रहा है।
अल जजीरा चैनल ने मुबारक के परिवार के वकील को यह कहते हुए दिखाया कि अपदस्थ राष्ट्रपति को मादी अस्पताल ले जाया गया जहां वह बेहोश हैं और उन्हें कृत्रिम श्वांस प्रणाली पर रखा गया है। खबर है कि मुबारक की पत्नी सुजैन अस्पताल आ गई हैं। अल जजीरा की खबर में कहा गया है पारिवारिक सूत्रों से संकेत मिला है कि मुबारक की हालत सुधर रही है। हमें लगता है कि वह अब भी कोमा में हैं। बीते बरस अपने शासन के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान 800 से अधिक प्रदर्शनकारियों के मारे जाने में भूमिका के लिए मुबारक को इस साल दो जून को उम्र कैद की सजा सुनाई गई थी।
उम्र कैद की सजा सुनाए जाने के बाद से मुबारक की तबियत बिगड़ने संबंधी खबरें लगातार खबरें आ रही थीं और वह सदमाग्रस्त भी हो गए थे जिसके बाद उन्हें जेल में ही एक गहन चिकित्सा कक्ष में ले जाया गया था। एक ओर जहां मुबारक का इलाज चल रहा है वहीं दूसरी ओर, आज तहरीर चौक में एक बार फिर हजारों प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए। ये प्रदर्शनकारी देश में सेना द्वारा अपने शासन की अवधि बढ़ाए जाने की कोशिश का विरोध कर रहे थे। देश में पिछले सप्ताह राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हुआ था। वहीं यह भी खबर आ रही है कि उनके चिकित्सकीय रूप से मृत होने का दावा किया गया है।












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