घर रास नहीं आय़ा तो जेल जाने के लिए कर दी हत्या

घटना सन 2009 की है। दिल्ली में एक व्यक्ति सतीश कुमार ने एक युवक की चाकुओं से गोंदकर हत्या कर दी। उस मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया, जिसकी सुनवाई कल स्थानीय अदालत में हुई। अदालत ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनवाई। यह अपने आप में एक अलग मामला है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पश्चिमी दिल्ली निवासी सतीश कुमार को मार्च 2009 में तिहाड़ से रिहा किया गया। उसपर हत्या का आरोप था औऱ वह 15 साल जेल की सजा काटकर लौटा था। पर जब वह घर पहुंचा तो उसके किसी रिश्तेदार और नातेदार ने उसे भाव नहीं दिया जिससे वह दर दर भटकता रहा। इससे वह तंग आ गया और उसने अक्टूबर 2009 में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद वह खुद ही पुलिस स्टेशन पहुंचा औऱ थानेदार से कहा कि मैंने हत्या कर दी है और मुझे जेल भेज दो। हालांकि थानेदार को बात उस समय समझ में नहीं आई पर जब कोर्ट के सामने जब उसकी पेशी हुई तो जज ने जब पूछा कि तुमने यह हत्या क्यों कि तब उसने बताया कि जब वह जेल से घर लौटकर गया तो सोचा था कि वह सामान्य जिंदगी जिएगा पर जब घर पहुंचा तो घर के किसी ने भी मुझे देखकर खुशी नहीं जताई। सभी मुझे टोन कस करके मुझे परेशान करने लगे। बाहर के लोग तो मुझे परेशान करते ही थे घर के लोग और रिश्तेदारों भी मुझे तंग करते थे जिससे मैं परेशान था। तब मुझे लगा कि घर से तो जेल ही बेहतर है। मैं इसी झक में यह हत्या कर दी। कोर्ट ने इस पूरे मामले को देखने के बाद साठ वर्ष के सतीश को पुनः जेल भेज दिया और वह भी आजीवन कारावास के तहत। यानी सतीश जीवन भर अब जेल में ही रहेगा।












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