जीवित होने की आस में 18 घंटे तक जमीन में दबाये रखे शव

हुआ यूं कि कल रविवार शाम दादू गांव के जसप्रीत (20) पुत्र गुरदेव सिंह व कप्पू राम (17) पुत्र गुरतेज सिंह पानी लेने के लिए खल पर गए। दोनों युवक पानी भर ही रहे थे कि अचानक आए तेज अंधड़ व बरसात से बिजली का तार टूट कर जसप्रीत के ऊपर आ गिरा उसे बचाने के फेर में कप्पू ने प्रयास किया तो वह भी चपेट मे आ गया। करंट से दोनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पाकर ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े और दोनों युवकों को जिंदा समझकर कालांवाली में एक निजी चिकित्सक के पास लाए जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत धोषित कर दिया जिस पर परिजन उन्हें लेकर पुन: गांव दादू गए वहां एकत्रित ग्रामीणों ने युवकों को मिटटी में दबा देने से करंट के प्रभाव के खत्म होने की बात कहकर दोनों युवकों को गले तक मिट्टी में गाड़ दिया गया। जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारी सूचना पाकर मौका पर पहुंचे मगर ग्रामीण अंधविश्वास की बात पर अड़े रहे। सोमवार दिनभर प्रशासन ने चिकित्सकों की टीम भेजकर ग्रामीणों की युवकों की मौत हो जाने की पुष्टि करवाने का प्रयास किया मगर ग्रामीणा टस से मस नहीं हुए। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने अंधविश्वास की इस स्थिति से मीडिया को पूरी तरह किनारे रखा और किसी तरह का फोटो तक नहीं करने दिया गया।
कालांवाली के तहसीलदार छबीलदास ने बताया कि उच्च प्रशासयनिक अधिकारियों के आदेश पर वे गांव में तो गए मगर ग्रामीण व युवकों के परिजन उन्हें मिट्टी ेस बाहर निकालने पर राजी नहीं हुए जिस पर पास पड़ोस के गांवों के मौजिज लोगों को एकत्रित कर सोमवार दोपहर बाद दोनों युवकों के शवों को मिट्टी से बाहर निकाला परिजन बगैर पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार पर अड़ गए आखिरकार इसी स्थिति में गमगीन माहौल के बीच दोनों युवकों का गांव की शमशान भूमि में अंतिम संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों ने इस घटना को इत्तिफाकिया रूप देते हुए किसी भी तरह की कानूनी कार्यवाही से भी इंकार कर दिया। बता दें कि जसप्रीत (20) पुत्र गुरदेव सिंह नामक युवक बी.टेक का विद्यार्थी था पड़ोसी प्रांत पंजाब में अभी हाल में स्थापित की गई तेल रिफाइनरी में अध्ययन के लिए सोमवार को जाना था।












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