सेवाकर विभाग ने रामदेव को दिया 4.94 करोड़ का नोटिस

नया नोटिस सेवा कर विभाग द्वारा हरिद्वार की पतंजलि योग पीठ को विभिन्न मूल्य वाले कपूनों की बिक्री के लिए भेजा गया है। ये कूपन योग शिविर आयोजन के लिए देश और प्रवासी लोगों को बेचे गए। पिछले पांच बर्ष में इन योग शिविरों में हजारों लोग शामिल हुए। रामदेव के प्रवक्ता एस के तिजारावाला ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि हम सेवा कर विभाग की कार्रवाई का प्रतिरोध करेंगे। उन्होंने कहा कि हम नोटिस का जवाब दे रहे हैं। योग शिविर चिकित्सा राहत की श्रेणी में आते हैं और इनसे होने वाली आय को व्यावसायिक आमदनी नहीं माना जा सकता।
सूत्रों का कहना है कि रामदेव के योग कैंपों से आयोजित आमदनी सेवा कर के दायरे में आती है। लोग इन शिविरों में भाग लेने के लिए ये कूपन खरीदते हैं। सेवा कर के प्रावधानों के अनुसार, योग स्वास्थ्य एवं अनुकूलता सेवाओं की कर योग्य सूची में है। सूत्रों ने कहा कि एजेंसी के अधिकारियों ने जांच के दौरान देशभर में ऐसे विभिन्न मूल्य के कूपन पाए। पीछे की सीट से आगे आने पर इन कूपनों का दाम बढ़ता जाता है। डीजीसीईआई ने यह भी दर्ज किया कि गैर निवासी योग शिविरों के लिए कूपन दर 51 से 7,000 रुपये तक है।
वहीं निवासी कैंपों के लिए एसी सुविधा के साथ कूपन की दर 8,000 से 12,000 रुपये है। एजेंसी ने रामदेव के ट्रस्टों द्वारा आयोजित शिविरों के खातों की भी जांच की है। सूत्रों ने बताया कि आयकर विभाग को भी इन शिविरों से आमदनी की जानकारी दी जाएगी, जो संभवत: अभी तक आयकर के दायरे से बचे हुए थे। हाल में आयकर विभाग ने 2009-10 के आकलन वर्ष के लिए हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट, दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट और भारत स्वाभिमान ट्रस्ट को 120 करोड़ रुपये की आमदनी के लिए नोटिस भेजा गया है। आयकर विभाग ने इन गतिविधियों को व्यावसायिक करार दिया है। रामदेव के ट्रस्ट ने आयकर विभाग के आदेश के चुनौती देते हुए कहा है कि उनके पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। रामदेव इन दिनों काले धन के खिलाफ अभियान चला रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications