मुश्किल में है देश की अर्थ व्यवस्था, पीएम ने बुलाई बैठक

प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा है कि, 'हमारे देश और हमारी अर्थव्यवस्था के लिए मुश्किल का समय हैं, यह घड़ी हमारी इच्छा और दृढ़ संकल्प की परीक्षा का है।" मनमोहन सिंह ने कहा कि खत्म हुए वित्तीय वर्ष के आखिरी तिमाही में उम्मीद से काफी कम विकास दर के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र खासकर कपड़ा उद्योग, सीमेंट में तीव्र गिरावट से रुपये की कीमत में कमी, राजकोष घटा और अधिक महंगाई से भी सरकार की चिंता बढ़ी है।
जनवरी से मार्च तक भारत की विकास दर पिछले एक दशक में सबसे कम रही है। कई अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने चालू वित्त वर्ष में भारत की विकास 5.7 -6.4 के बीच रहने की उम्मीद जाहिर की है। मालूम हो कि इस समय यूपीए सरकार पर चारो तरफ से तीखे वार किये जा रहे हैं। कल बाबा रामदेव ने अपने आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री की इमानदारी को कटघरे में खड़ा कर दिया।
रामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी को राजनैतिक इमानदारी दिखानी होगी। उसके बाद आज सोनिया गांधी ने बैठक के दौरान प्रधानमंत्री पर किये गये हमले का जवाब दिया और कहा कि मनमोहन सिंह की इमानदारी पर सवाल उठाना एक साजिश मात्र है। सोनिया ने कहा कि मनमोहन सिंह बहुत इमानदार है और रामदेव विपक्ष के कहने पर लांछन लगा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications