50 लाख की कमेटी ने कराया भरत सिंह पर हमला

इनमें एक ने विधायक से मिलकर दंपति की शिकायत कर दी थी। इस पर विधायक ने जून 2011 में दंपति को नजफगढ़ स्थित अपने आफिस बुलाकर उनके पैसे दे देने की धमकी दी थी। उन्होंने जब यह बात विकास को बताई तब उसे बहुत बुरा लगा था। वहीं, दिल्ली पुलिस कमिश्नर बीके गुप्ता ने बताया कि पुलिस के लिए विधायक के हमलावरों को पकड़ना चुनौती बन गई थी। इसलिए जिला पुलिस के अलावा स्पेशल सेल व अपराध शाखा की स्पेशल टीम को भी हमलावरों के बारे में जानकारी लेने के लिए लगाया गया था। पुलिस टीम ने 15 घंटे के भीतर ही चारों हमलावरों को गिरफ्तार कर वारदात की गुत्थी सुलझा ली है। आरोपियों के नाम विकास डागर उर्फ विक्की (28), कुलदीप मित्तल (26), सुमित सिंह (28) व वीरेंद्र सहरावत है।
चारों अच्छे दोस्त हैं। इसमें विकास एमबीए का छात्र है। उसने दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ाई की उसके बाद सिक्कम मणिपाल विश्वविद्यालय से एमबीए की पढ़ाई पूरी की। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इनकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल एक बाइक साई बाबा मंदिर, नजफगढ़ व दूसरी मेट्रो स्टेशन द्वारका की पार्किंग से बरामद कर ली गई। पुलिस ने इनके पास से प्वाइंट 30 बोर की दो पिस्तौल, प्वाइंट 38 बोर की एक रिवाल्वर, 30 कारतूस, दो मैग्जीन, एक मोबाइल बरामद कर लिया। प्वाइंट 38 बोर की एक टूटी हुई रिवाल्वर विधायक के बाथरूम के पास से शनिवार को ही बरामद हो गई थी। बाथरूम का दरवाजा तोड़ते वक्त उस रिवाल्वर की बट टूटकर अलग जा गिरी थी। उसे हमलावर मौके पर ही छोड़ गए थे। चारों हथियार आरोपियों ने एक परिचित बदमाश से मांगकर लिए थे। सेल में तैनात इंस्पेक्टर ब्रह्मजीत सिंह की टीम को सूचना मिली कि विधायक पर हमला करने वाले आरोपी राजस्थान जाने के लिए अपने परिचित से रुपये लेने के मकसद से दक्षिण दिल्ली के किशनगढ़ आ रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications