विक्की डोनर की तर्ज पर बेंगलूरू की छात्रा ने बेचे अंडाणु

कुछ इसी तर्ज पर कर्नाटक की एक लड़की ने जल्दी पैसा कमाने के लिए फिल्म के किरदार को कॉपी करते हुए अपने अंडाणु दान करने शुरू कर दिए। जहां उसे इसके लिए अच्छे खासे पैसे भी मिलने लगे लेकिन ऐसा करते हुए लड़की ने अपनी ही जिंदगी के साथ खिलवाड़ करना शुरू कर दिया। एक प्रतिष्ठित अंग्रेजी अखबार के मुताबिक कर्नाटक के बेंगलुरु के एक कॉलेज में बीए में पढने वाली (पूजा-काल्पनिक नाम) एक माध्यम परिवार की लड़की है जिसने अपने शौक को पूरा करने के लिए वो करने की ठान ली जो किसी भी लड़की के लिए एक बड़ा मुश्किल काम होता है।
लड़की ने महज 15000 रुपयों के लिए अपने अंडाणुओं का सौदा कर लिया। लड़की को अच्छे पैसे मिले, शौक था तो खर्चा अधिक होना लाजमी था। आगे बताने से पहले आपको बताते चलें की पूजा भी कॉलेज जाने वाली माध्यम वर्गीय परिवार की एक आम छात्रा थी और हर लड़की की तरह उसके भी ख्वाब थे की उसके पास भी ब्रांडेड कपडें हों, महंगी ज्वेलरी हो, कीमती मोबाईल फोन हो अच्छी गाड़ी हो वो रोज डिस्को में जाये पार्टी करे लेकिन इन सभी चीजों के लिए चाहिए थे पैसे। उसे परिवार द्वारा हर महीने के लिए पॉकेट मनी तो दी जाती थी मगर वो उसके लिए पूरी नहीं पड़ती थी। अपने इन्ही शौकों को पूरा करने के लिए पूजा द्वारा ये फैसला किया गया। ज्ञात हो की अपनी एक दोस्त की देखा देखी पूजा ने ऐसा करने का फैसला किया। लेकिन वही पूजा आज गंभीर बीमारी से पीड़ित है। पूजा को आज पॉलीसिस्टिक अंडाशय सिंड्रोम नाम की भयंकर बिमारी हो गयी है।
बेंगलुरु स्थित अलग अलग प्रसूति गृहों की माने तो आजकल कॉलेज में पढने वाली युवतियां कम समय में अधिक पैसे की चाह में ऐसे कृत्यों में लगी हैं और वो ये बिलकुल नहीं जानती की ऐसा करने से उनकी जान तक जा सकती है। एक प्रतिष्ठित प्रसूति गृह की महिला चिकित्सक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया की ऐसे दंपत्ति जिनमें महिला संतान उत्पन्न नहीं कर सकती वो लोग इन युवतियों के अंडाणु लेते है जहां एक बार के एवज में डोनेटर को 15 से 25 हजार रूपये मिलते हैं डाक्टर ने जानकारी देते हुए बताया की अगर हर महीने कोई भी युवती ऐसा करती है तो उसे कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।
वहीं इस पूरे मामले में अपनी आप बीती बताते हुए युवती ने कहा कि जब मैं ऐसा कर रही थी तो अस्पताल में मौजूद चिकित्सकों द्वारा मुझे ये कहा गया की ऐसा करने से कुछ नहीं होता साथ ही उसने ये भी कहा की अंडाणु बेचते वक्त उससे न तो कोई फॉर्म भरवाया जाता था न ही कोई ख़ास दवाएं बताई जाती थी।
अब इस खबर के बात तो एक बात साफ़ है की शॉर्ट कट में कमाया गया पैसा व्यक्ति को जहां चंद पल की खुशियां दे देता है। तो वहीं उससे कुछ ऐसा छीन लेता है जिसका खामियाजा उसे ताउम्र रहता है।












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