टीम अन्ना से भाजपा भी है खफा

आपको बता दें कि प्रशांत भूषण ने सोमवार को कहा था कि अगर पीएम मनमोहन सिंह ईमानदार हैं तो उनके मंत्री बेईमान कैसे हो सकते हैं। आखिर उनकी ईमानदारी का क्या मतलब रह जाता है जब उनकी आंख के सामने घोटालों का पहाड़ तैयार है। प्रशांत भूषण ने मनमोहन सिंह को शिखंडी तक कह दिया है। भाजपा के प्रवक्ता राजीव प्रताप रूडी ने कहा, टीम अन्ना को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखते हुए टिप्पणी करने की आदत डालनी चाहिए।
रूडी ने कहा, महंगाई और भ्रष्टाचार को लेकर जनता में प्रधानमंत्री, उनकी सरकार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लेकर गुस्सा है, जो विभिन्न रूपों में प्रकट हो रहा है। उन्होंने कहा कि गुस्सा प्रकट करना सही है, लेकिन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और विपक्ष के नेता जैसे संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अपमानजनक भाषा स्वीकार्य नहीं है और इनके बारे में बात करते हुए भाषा पर संयम रखा जाना चाहिए।
आपको बता दें कि पीएम पर प्रशांत भूषण का यह बयान समाजसेवी अन्ना हजारे के बयान से बिल्कुल अलग है। अन्ना हजारे ने रविवार को महाराष्ट्र में पीएम मनमोहन सिंह को साफ छवि वाला बताया था। प्रशांत भूषण के इस बयान पर कांग्रेस ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी लेकिन आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव भड़क गए हैं।
इस बयान पर लालू प्रसाद तो इतने भड़क गए हैं कि उन्होंने कुछ दिन पहले प्रशांत भूषण की पिटाई को भी जायज ठहराया दिया। लालू ने कहा कि वह ऐसे ही बे-सिरपैर के बयान देते हैं, तो उनकी पिटाई होती है। लालू ने कहा कि प्रधानमंत्री देश के नेता है और उनकी ईमानदारी का लोहा हर कोई मानता है। उनकी सादगी भी किसी से छिपी नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशांत भूषण को पीएम के खिलाए दिए गए इस बयान को वापस लेना चाहिए।












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