2जी मामले में रवि रुइया समेत औऱ अंशुमान को मिली जमानत

विशेष जज ओपी सैनी ने एस्सार टेलीकॉम ग्रुप के प्रमोटर रवि रुइया, अंशुमान रुइया सहित इसी ग्रुप के निदेशक विकास सर्राफ के अलावा लूप
टेलीकॉम ग्रुप के प्रमोटर आइपी खेतान और किरण खेतान पर आरोप तय करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया उन पर सरकार से धोखाधड़ी करने के लिए आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप साबित होते हैं। हालांकि जमानत की मांग पर कोर्ट ने अर्जी स्वीकार कर ली। अदालत ने इन सभी को पांच-पांच लाख रुपये के मुचलके व एक-एक जमानती लाने की शर्त पर जमानत दे दी। 11 मई को इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
आपको बता दें कि सीबीआई ने अपनी ओर से दायर तीसरे आरोप पत्र में कहा था कि लूप टेलीकॉम एस्सार समूह के लिए 'कॉरपोरेट आवरण के तहत' थी। दूरसंचार विभाग (डॉट) के दिशानिर्देशों के मुताबिक कोई एक कंपनी दो सेवा संचालकों में 9.9 फीसदी से अधिक की हिस्सेदारी नहीं रख सकती है। अंशुमान एस्सार समूह के प्रमुख शशि रुइया के बेटे और उप प्रमुख रवि रुइया के भतीजे हैं। किरण खेतान की शादी आई पी खेतान से हुई है और वह शशि रुइया और रवि रुइया की बहन हैं।
विशेष सीबीआई न्यायाधीश ओ पी सैनी ने सर्राफ को, 'कर्मचारियों के जरिये दूरसंचार विभाग के अधिकारियों को गलत जानकारी देने' के मामले में मुख्य आरोपी बनाया। सर्राफ के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी और 420 के तहत आरोप तय किया गया है। उधर, रुइया के वकील मुकुल रोहतगी ने बताया कि वह उनके (मुवक्किल के) खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती देंगे। रवि रुइया के अगले सप्ताह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के म्यांमार यात्रा के दौरान साथ जाने वाले
व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने की उम्मीद है।












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