फेसबुक के चलते होते हैं ज्यादातर तलाक

ब्रिटेन के कानूनी फर्म डाइवोर्स ऑनलाइन के सर्वेक्षण में पाया गया कि पिछले वर्ष तलाक के करीब 33 प्रतिशत मामलों के पीछे फेसबुक कारक रहा। तलाक के 5,000 मामलों का अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला गया। वर्ष 2009 के लिए यह आंकड़ा 20 प्रतिशत था। डाइवोर्स ऑनलाइन के प्रवक्ता मार्क कीनन ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने विपरीत लिंग वाले के साथ प्रेम संबंध बनाना चाहता है या हंसी मजाक करना चाहता है तो उसके लिए फेसबुक का प्रयोग सबसे आसान तरीका है।
फेसबुक के माध्यम से दोषारोपण करने, रेस्टोरेंट में संदिग्ध हालत में प्रवेश और साइट पर पोस्ट किए गए अनुपयुक्त फोटोग्राफ का प्रयोग बड़ी संख्या में तलाक के लिए सुबूत के तौर पर किया जा रहा है। कीनन ने कहा कि लोगों को फेसबुक पर विषय वस्तु पोस्ट करते समय सावधानी बरतनी चाहिए। कोर्ट इसे सुबूत के तौर पर देखता है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ मैट्रिमोनिअल लॉयर्स के मुताबिक अमेरिका में तलाक से संबंधित मामले देखने वाले 80 प्रतिशत अटार्नी का कहना है कि फेसबुक का प्रयोग करने वालों के बीच तलाक के मामले बढ़े हैं। कनेक्टीकट के अटॉर्नी गैरी ट्रेस्टमैन का कहना है कि वह प्रति वर्ष तलाक के करीब 15 मामले निबटाते हैं। इसके लिए कंप्यूटर से संबंधित जिन सुबूतों का प्रयोग किया जाता है, उनमें से 60 प्रतिशत फेसबुक के होते हैं।












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