पीएमओ को नहीं पता कहां से आये राष्ट्रीय अवकाश
हफ्ते भर के काम के बाद छुट्टियां बहुत जरूरी है। छुट्टियां की ही मदद से इंसान कुछ ख़ास पल अपने परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ बिताता है। चाहे व्यक्ति सरकारी संस्था में काम करे या फिर निजी संस्था में उसको छुट्टियों की एक फेहरिस्त दी जाती है। इस फेहरिस्त में उसकी साल भर की छुट्टियों का लेखा जोखा होता है। अब हो सकता है आपकी छुट्टियों की फेहरिस्त से तीन छुट्टियां कम हो जाये। चौकिये नहीं ये सच है। जो छुट्टियां आपकी फेहरिस्त से कम हो सकती हैं वो है 15 अगस्त, 26 जनवरी, 2 अक्तूबर, गौरतलब है की हमारे देश वासी 26 जनवरी, 15 अगस्त व दो अक्टूबर को बिना किसी सोच विचार के राष्ट्रीय पर्व मानते हैं और छुट्टी एन्जॉय करते हैं।

लेकिन कभी भी हमारे मन में ये सवाल नहीं आया की आखिर इन छुट्टियों की शुरुआत हुई कहाँ से। कभी भी हमारे जहन में ये सवाल नहीं उठा कि इन तिथियों को राष्ट्रीय पर्व घोषित करने का आदेश कब और किसने किया। सात अरब की जनसंख्या वाले इस देश में इस मुद्दे पर किसी ने नहीं सोंचा इस संवेदनशील मुद्दे पर अगर किसी का ध्यान गया तो वो थी उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में रहने वाली 10 साल की बच्ची व कक्षा 6 की छात्रा ऐश्वर्या पराशर।
ऐश्वर्या ने सूचना के अधिकार के तहत गृह मंत्रालय से इन छुट्टियों के विषय में जानकारी मांगी 25 अप्रैल को ऐश्वर्या ने प्रधानमंत्री कार्यालय से एक हस्तलिखित आवेदन के तहत यह सूचना मांगी कि "मुझे उन आदेशों की सत्यापित फोटोकॉपी मुहैया करवाई जाए जिसमें 15, अगस्त, 25, जनवरी और 2 अक्टूबर को राष्ट्रीय पर्व घोषित किया गया हो। लेकिन एक बार फिर निराशा ऐश्वर्या के हाथ लगी। जहां गृह मंत्रालय का जवाब आया है कि ऐसे किसी आदेश की प्रति उनके पास नहीं है, जिसमें इन छुट्टियों का जिक्र हो।
आपको बता दे की प्रधानमंत्री कार्यालय ने यह पत्र गृहमंत्रालय को भेज दिया जिसके जवाब में गृह मंत्रालय का कहना है कि इस तरह का कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है। ज्ञात हो की ऐश्वर्या पराशर लखनऊ के सीएमएस में पढने वाली वही बच्ची है जिसने अभी कुछ दिनों पूर्व पीएमओ को पत्र लिखकर सूचना के अधिकार के तहत उनसे पुछा था कि महात्मा गाँधी को पहली बार बापू कब कहाँ और किसने कहा था?












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