मोबाइल होगी रोमिंग फ्री, फैसला आज

इस नीति में रोमिंग फ्री और मोबाइल नंबर पोर्टेबिलटी जैसे प्रस्ताव हैं। यही नहीं टेलीकॉम विभाग इस पॉलिसी के जरिए यूनिफाइड लाइसेंसिंग की मंजूरी भी सरकार से लेने की कोशिश करेगा। टेलीकॉम पॉलिसी में स्पेक्ट्रम ट्रेडिंग, शेयरिंग का प्रस्ताव भी है। माना जा रहा है कि नई टेलीकॉम पॉलिसी में लाइसेंसों के लिए कई कैटेगरी होंगी जिसके तहत स्पेक्ट्रम का इस्तेमाल कोई भी सर्विस के लिए किया जा सकेगा। इस पॉलिसी में उपकरण बनाने वाली घरेलू कंपनियों को रियायत का प्रस्ताव है। साथ ही नई टेलीकॉम पॉलिसी के जरिए सर्विस और टैरिफ में पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो सकेगी। सरकार की नई टेलिकॉम पॉलिसी के जरिए साल तक सस्ती ब्रॉडबैंड सर्विस देने की योजना है।
गौरतलब है कि सरकार ने 2020 तक ग्रामीण क्षेत्रों में 100 फीसदी टेलीफोन घनत्व का लक्ष्य रखा है। यानी गांव के हर शख्स के पास एक टेलीफोन होगा। सूत्रों के मुताबिक, नई नीति के तहत ‘वन नेशन, वन लाइसेंस’ दिया जाएगा। अभी तक अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग कंपनियां टेलीफोन सेवा मुहैया कराती हैं। सरकार करीब 13 साल बाद टेलीकॉम नीति में बदलाव कर रही है। सबसे पहले 1994 में नीति बनी थी और 1999 में इसमें कई अहम बदलाव हुए। दूरसंचार मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक, मौजूदा चुनौतियों के मद्देनजर बनी नई नीति में ग्रामीण क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान दिया गया है।












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