पानी का नीजिकरण नहीं करेगी शीला सरकार

पानी उपलब्ध कराना जल बोर्ड की जिम्मेवारी होगी। उपभोक्ता प्राइवेट कंपनी को शुल्क का भुगतान नहीं करेगा, बल्कि कंपनी को जल बोर्ड भुगतान करेगा। जिन इलाकों में प्राइवेट कंपनी पानी की सप्लाई करेगी, वहां पानी की दरें अन्य दिल्ली के समान ही होगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार बिना अतिरिक्त लागत पर 24 घंटे सातों दिन पानी उपलब्ध कराएगी। आपको बता दें कि दिल्ली में बिजली-पानी की गंभीर किल्लत है। गर्मी बढ़ने के साथ ही राजधानी दिल्ली में पानी को लेकर हाहाकार मचने लगा है। बुधवार को पानी के संकट के विरोध में राजधानी में जगह-जगह प्रदर्शन हुए।
जनकपुरी में तो लोगों ने जल बोर्ड कार्यालय पर पथराव किया और जमकर तोड़फोड़ की। पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व द्वारका के विधायक प्रद्युम्न राजपूत कर रहे थे। लोगों ने मुख्यमंत्री शीला दीक्षित का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। ये महिलाएं इंद्रा पार्क, सागरपुर, कैलाशपुरी, महावीर एन्क्लेव, गीतांजलि पार्क, नसीरपुर समेत अनेक इलाकों से आई थीं। जलबोर्ड कार्यालय पर कोई अधिकारी नहीं मिलने लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी। उधर, बाहरी दिल्ली के प्रेमनगर पार्ट-एक, दो, तीन, किराड़ी आदि कॉलोनियों में पेयजल संकट के विरोध में लोगों ने बुधवार की सुबह किराड़ी चौक पर विधायक के खिलाफ प्रदर्शन कर यातायात जाम किया। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व स्थानीय पार्षद पुष्पराज ने किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इलाके में टैंकर से पानी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन दो सप्ताह से टैंकर निर्धारित प्वाइंट पर नहीं पहुंच रहे हैं।












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