गुमनाम संगीतकारों को उजाले में लायेगा कॉपीराइट बिल

राज्यसभा के बाद मंगलवार को लोकसभा ने भी सर्वसम्मति से इस विधेयक को मंजूरी दे दी। मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा कि विधेयक के कानून बन जाने के बाद बुजुर्ग कलाकारों को भी फायदा होगा। अपने गीतों के लिए जब रॉयल्टी मिलेगी तो अपनी बाकी जिंदगी वह बेहतर ढंग से गुजार सकेंगे। गौरतलब है कि संसद में ऐसे मौके बहुत कम ही आते हैं जब सारे सदस्य एक सुर में किसी बात का समर्थन करते हैं। इसी के मद्देनजर कॉपीराइट एक्ट पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला।
विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी इस विधेयक पर अपना समर्थन जाहिर करते हुए कहा कि यह विधेयक लम्बे समय से लटका हुआ था। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि, बेहतरीन गीतों की रचना करने वाले गीतकारों के हितों की रक्षा की दिशा में यह सही कदम है। सुषमा ने जानकारी देते हुए कहा कि, इससे पहले फिल्म निर्माताओं ने उनसे विधेयक का विरोध करने के लिए कहा था, लेकिन जब प्रख्यात निर्देशक और संगीतकार विशाल भारद्वाज ने उनसे मुलाकात कर उन्हें बताया कि यह गीतकारों के हक में है तो इसके बाद उन्होंने इसे समर्थन देने का फैसला किया।
आपको बता दें कि दुनिया को एक के बढ़कर एक गीत देने वाले संगीतकार और गीतकारों को इससे बहुत फायदा होगा अब वो अपना आखिरी वक्त गुरबत में नहीं काटेंगे। फिल्म रिलीज होने के 50 वर्ष बाद भी अगर किसी मोबाइल कंपनी ने गीत को रिंगटोन के तौर पर पेश किया तो इससे होने वाली कमाई में गीतकार और संगीतकार का हक होगा।
मजे कि बात ये है कि जब मेज थपथपाकर विधेयक का समर्थन किया तो राज्यसभा की गैलरी में मशहूर शायर जावेद अख्तर ने हाथ जोड़कर सभी का शुक्रिया अदाकर कहा कि कम्पनियों को गीतों पर अधिकार होता है, जबकि गीतकार और गायकों को इसके हिट होने से कोई वाणिज्यिक फायदा नहीं मिलता। लेकिन अब इस विधेयक के आने के बाद अब संगीतकार और गीतकारों भी फायदा पहुंचेगा।












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