जश्न में भी मौके तलाश रही थी कांग्रेस
दिल्ली
(ब्यूरो)। मौका था कांग्रेस नीत सरकार के तीन साल पूरे होने के जश्न का। पर कांग्रेस इस दौरान भी मौके की तलाश में थी। उसे तलाश थी तो ममता बनर्जी और एम करुणानिधि के विकल्प का। पर वह चाहती थी कि उसे मजबूत साथी मिले। हालांकि उसे निराश नहीं होना पड़ा। सपा ने अपनी साइकिल कांग्रेस के हाथ में सौंप दी है। वैसे भी शाम को लालू ने भी यह कह कुछ दूरी बना ली थी कि सरकार को तीन साल में कहने के लिए कुछ भी नहीं है। id="toptextpromo">जैसा
कि होना चाहिए पर बजट सत्र के आखिरी दिन कांग्रेस को सपा की तरफ से काफी सहयोग मिला जिससे कांग्रेस के प्रबंधन काफी उत्साहित हैं। सूत्र बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह औऱ सोनिया गांधी भोज के बहाने अपने साथियों को भी अपनी तरफ खिंचने का खूब प्रयास किय़ा। सोनिया की डिनर टेबल पर जहां राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव व लालू यादव बैठे थे तो मनमोहन ने अपने साथ शरद पवार व रामविलास पासवान को बैठा ऱखा था। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>ऐसा
लगा कि मुलायम की इस तरह मौजूदगी ममता बनर्जी के लिए कुछ संदेश है। डिनर में यूपीए के सहयोगी और बाहर से समर्थन दे रहे दोस्त तो आए ही, कांग्रेस के भी सभी बड़े नाम मौजूद रहे। वैसे डिनर के टेबल पर राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भी खूब चर्चा हुई। हालांकि अभी कोई सहमति के आसार नहीं दिख रहे हैं पर रामविलास पासवान, मुलायम सिंह यादव और लालू ने भी अपनी दिलचस्पी कांग्रेस उम्मीदवार में जताकर समर्थन देने की मंशा जाहिर कर दी है वैसे भी इन लोगों के पास कुछ जमा 22 सांसदों सहित दो सौ 240 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।











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