केजरीवाल के सहयोगी की मौत की गुत्थी उलझी

गौरतलब है कि आरटीआई कार्यकर्ता रविंदर बलवानी की पिछले महीने एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। वे तीन दिनों तक अस्पताल में पड़े रहे। उसके बाद पुलिस ने इसे हिट और रन का मामला बताकर इस फाइल को बंद कर दिया। पर उनकी बेटी ने पुलिस की इस कार्रवाई को चुनौती दी और एक बार नए सिरे से अपने पिता की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए गुहार लगाई।
पुलिस इस समय मामले की तहकीकात कर रही है और पुलिस का मानना है कि बलवानी की हत्या नहीं की गई। पर परिवार वालों ने हत्या का ही आरोप जड़ा है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट झूठा है क्योंकि जो रिपोर्ट दी गई कि उनके पिता की मौत सिर में चोट लगने से हुई है ऐसा नहीं है।
उनकी लंबाई सामान्य से अधिक थी औऱ रिपोर्ट में सिर के अलावा कहीं चोट के निशान नहीं होने की बात बताई गई है जबकि उनके अन्य अंगों में भी चोट के निशान थे। उधर, पुलिस ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि ये आरोप बेबुनियाद हैं और इसमें कुछ भी सच्चाई नहीं है।
आपको बता दें कि बलवानी अरविंद केजरीवाल के संस्था परिवर्तन से जुडे हुए थे। वे आरटीआई के जरिए कई मामलों को उजागर किया था और उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं। परिवार वालों का कहना है कि धमकी देने वालों ने ही उनकी हत्या एक सुनियोजित तरीके से कराई है।












Click it and Unblock the Notifications