'मायावी योजनाएं' बंद करने पर सरकार व बसपा में ठनी

अखिलेश यादव सरकार ने शुक्रवार को 13 विभागों की 26 योजनाओं के या तो नाम बदल दिये या उन्हे बंद कर दिया। सपा सरकार ने मायावती के डा. अम्बेडकर ग्राम विकास और कांशीराम शहरी आवास योजना समेत 26 ड्रीम प्रोजेक्टों को समाप्त कर समाजवादी चिन्तक डा. राम मनोहर लोहिया के नाम पर समग्र ग्राम विकास योजना लागू करने का निर्णय लिया।
विधानसभा में नेता विपक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य और विधान परिषद में नेता विपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि महापुरुषों के नाम से चल रही योजनाओं को बंद करना उनका अपमान है। स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि बसपा को डा. लोहिया के नाम पर योजना चलाये जाने में कोई आपत्ति नही है।
डा. लोहिया के नाम से यदि योजना चलानी ही थी तो नई योजना चलानी चाहिए न कि पुरानी योजनाओं को उनके नाम पर बदल दिया जाय। उन्होंने कहा कि इस मामले को विधानमंडल के आगामी सत्र में जोरदार ढंग से उठाया जायेगा।
मंत्रिमण्डल ने जिन अन्य योजनाओं को समाप्त करने का निर्णय लिया है उसमें आवास एवं शहरी नियोजन विभाग की कांशीराम ग्रीन (ईको गार्डेन का निर्माण), लखनऊ में परिवर्तन चौक एवं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर प्रतीक स्थल के सौन्दर्यीकरण एवं अनुरक्षण कार्य, महिला कल्याण एवं बाल विकास विभाग की महामाया गरीब बालिका आशीर्वाद योजना और नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन विभाग की कांशीराम शहरी दलित बहुल बस्ती समग्र विकास योजना शामिल है।
अखिलेश यादव सरकार ने लोक निर्माण विभाग की कांशीराम शहरी गरीब विकास योजना के तहत मार्गों के निर्माण एवं पुनॢनर्माण तथा डा. अम्बेडकर ग्राम सभा विकास योजना के तहत चयनित ग्रामों में सडकों का निर्माण और लघु ङ्क्षसचाई विभाग की भीमराव अ बेडकर नलकूप योजना और डा. अम्बेडकर सामूहिक नलकूप योजना को भी समाप्त कर दिया।












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