केजरीवाल के साथी की मौत पर फिर सवाल गहराया

इसलिए यह दुर्घटना नहीं है बल्कि हत्या है। इस बाबत परिवार के लोगों ने सूचना आयुक्त शैलेश गांधी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच के लिए पुलिस और अन्य एजेंसियों को निर्देशित करने की मांग की।
अरविंद केजरीवाल के सहयोगी और उनके एनजीओ में काम करने वाले रविंदर बलवानी ने भ्रष्टाचार में लिप्त कई अधिकारियों के खिलाफ आवाज उठाई थी। बलवानी की पत्नी अंजना ने सवाल उठाया कि जब उन्हें जान से मारने की धमकी मिल रही थी तब पुलिस ने उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया।
उधर, रविंदर बलवानी की मौत के बाद अदालत में उनके द्वारा दायर याचिका पर आगे सुनवाई कैसे शुरू की जाए, इस बारे में विचार शुरू हो गया है। वसंतकुंज के सी-9 में रहने वाले रविंदर बलवानी 23 अप्रैल की शाम घर से कुछ दूरी पर थे सड़क दुर्घटना में जख्मी हो गए थे। 26 अप्रैल की सुबह उनकी मौत हो गई थी।
पुलिस ने इसे हिट एंड रन का मामला बताया था। लेकिन परिजनों ने मंगलवार को बलवानी की मौत को एक सोची समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया।












Click it and Unblock the Notifications