मथुरा उपचुनाव में सपा की प्रतिष्ठा दांव पर

उपचुनाव की अधिसूचना 18 मई को जारी की जायेगी। विधानसभा चुनाव में रालोद को अपेक्षित सीट नहीं मिल पाने के कारण उन्होंनें इस सीट से इस्तीफा दे दिया। इससे यह तो जाहिर है कि रालोद इस बार अच्छे न बरों से पास होने का प्रयास करेगा और इस सीट को अपने पास बरकरार रखना चाहेगा। रालोद ने जाट बहुल इस क्षेत्र के ही एक जाट को टिकट देकर इलाके के जाट मतदाताओं को रिझाने का प्रयास कियाहै।
सभी दलों का असली मुकाबला पूर्व मंत्री श्याम सुन्दर शर्मा से हो सकता है जो इस सीट से लगातार छह बार चुनाव जीतने का कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। वह पिछला चुनाव तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे। वह क्षेत्र में रेल चलना सुनिश्चित करना चाहते हैं यद्यपि तृणमूल कांग्रेस का यहां कोई खास प्रभाव नहीं है।
वहीं विधानसभा चुनाव में मथुरा वृन्दावन विधानसभा सीट से डा. अशोक अग्रवाल के बेहतर प्रदर्शन करने के कारण संभवत: उन्हें यह जि मेदारी दी गयी है। इसके पहले सपा को मथुरा की किसी विधानसभा क्षेत्र से इतने अधिक वोट नहीं मिले थे।
चुनाव समिति में सभी पूर्व जिला अध्यक्षों के साथ साथ प्रमुख लोगों को रखा गया है। अभी भाजपा एवं बसपा ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है। विधानसभा चुनाव में इस सीट से पूर्व विधायक प्रणतपाल सिंह भाजपा के प्रत्याशी थे किन्तु उनकी जमानत जब्त हो गयी थी। वहीं कांग्रेस ने अभी यह तय नहीं किया है कि वह अपना प्रत्याशी उतारेगी या विधानसभा चुनाव में रालोद से किये गये समझौते को जारी रखते हुये यह सीट उसे देगी। कुल मिलाकर इस सीट पर मुकाबला बेहद रोचक होगा।












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