एक SMS ने बचा ली नाबालिग की जिंदगी

mobile phone
क्या कभी आपने सोंचा है की मोबाइल फोन से किया गया एक मैसेज किसी की जिंदगी बर्बाद होने से बचा सकता है। इस खबर को पढ़ने के बाद आप एक बात जरूर समझ जायेंगे कि समय रहते अगर आप प‍ुलिस की सहायता लेते हैं, तो कई बड़े अपराध होने से बच सकते हैं।

मामला है उत्तर प्रदेश के हाथरस की जहां एक किशोरी ने एसपी को एक मैसेज किया मैसेज पाने के बाद जिले की पुलिस ने किशोरीको बालिका वधु बनने से बचा लिया। आपको बता दें की मैसेज कुछ इस तरह था 'मैडम! परिवार वाले जबर्दस्ती मेरी शादी कर रहे हैं। मैं नाबालिग हूं और मुझे गांव भटीकरा में एक घर में बंधक बनाकर रखा है। अगर आपने मेरी मदद नहीं की तो मैं खुदकुशी कर लूंगी।

इस मैसेज को अपनी मोबाइल पर देख एसपी जल्द ही हरकत में आईं। उन्होंने सिकंदराराऊ कोतवाली को इस पूरे मामले की त्वरित कार्रवाई करने को कहा। एसपी का आदेश मिलते ही पुलिस ने रात में छापा मारकर किशोरी को बताए गए स्थान से मुक्त करा लिया। पुलिस ने किशोरी की बूआ, फूफा और कथित पति को भी गिरफ्तार कर एसडीएम की कोर्ट में पेश किया। किशोरी की गुरुवार को शादी होनी थी।

घर में प्रताड़ना झेलती थी कविता

सिकंदराराऊ कोतवाली पर किशोरीकविता (काल्पनिक नाम) निवासी अशोक बिहार, एटा ने जानकारी देते हुए बताया कि उसके घर वालों को उसके चाल-चलन पर शक था। इसके चलते उसे बार बार प्रताड़ित किया जाता था। जब माता-पिता का शक कुछ ज्यादा ही बढ़ा तो उन्होंने मेरी शादी करने का मन बना लिया। इस पर कविता के माता पिता ने उसे उसके फूफा के घर गांव भटीकरा, सिकंदराराऊ भेज दिया। जहां उसका फूफा अपने नाबालिग पुत्र से कविता की शादी कराने की तैयारी लगभग पूरी कर चुका था।

अगर यहाँ हम बात हिन्दू धर्म की करें और जानकारों की माने तो हिंदू मान्यता के अनुसार, इतने नजदीक रिश्ते में शादी नहीं हो सकती है। 25 अप्रैल को कविता को बाकायदा हल्दी चढ़ाई गई तथा दूल्हे को कंगन बांधा गया। यहां पर जब कविता ने इस पूरे घटनाक्रम का विरोध किया तो उसे फूफा ने उसे मारा पीटा और एक कमरे में बंद कर दिया। कमरे में बंद कविता ने होशियारी दिखाते हुए अपने मोबाइल से एसपी हाथरस को एक एसएमएस कर दिया।

एसपी को किए गए मैसेज में कविता ने लिखा कि मेरा नाम कविता है और मैं नाबालिग हूं। मेरे घर वाले मेरी शादी मर्जी के खिलाफ करा रहे हैं। मुझे फूफा ने अपने घर में बंधक बना लिया है। अगर आपने मेरी मदद नहीं की तो एक घंटे में आत्महत्या कर लूंगी।

गौरतलब है की एसपी की पहल पर सीओ और कोतवाल ने रात में ही किशोरीको हलके बल का प्रयोग करके मुक्त करा लिया तथा बृहस्पतिवार को किशोरीके फूफा-बूआ को हिरासत में लेकर एसडीएम की अदालत में पेश किया है। फिलहाल किशोरीको कहां भेजा जाए, इस पर फैसला होना अभी बाकी है। इस पूरे घटनाक्रम से एक बात तो साफ़ है की यदि व्यक्ति थोड़ी सी भी अकलमंदी का प्रयोग करे तो वो अपने को किसी भी बड़ी मुसीबत से बचा सकता है ।

अब आप क्‍या करें-

- इस खबर को पढ़ने के बाद हमारी राय यही है कि सबसे पहले आप अपने क्षेत्र के पुलिस थाने का नंबर व पुलिस अधिकारी अथवा एसएसपी/सीओ का मोबाइल नंबर अपने पास सेव कर लें। जब भी आपको अपराध की सुगबुगाहट हो, तुरंत पुलिस को सूचित करें। क्‍योंकि आप कब कहां किस वक्‍त मुसीबत में होंगे यह कोई नहीं जानता।

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