पचास रुपये के लिए गई तीन की जान

घटना के बाद किशोर दूसरी मंजिल के बाथरूम में छुप गया। जिसे लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल कैंची बरामद कर ली है। जिला पुलिस उपायुक्त मीनू चौधरी के मुताबिक, संतरा देवी पति मंशाराम, पांच बेटी और बेटे सत्यप्रकाश के साथ जहांगीपुरी में रहती थीं। इनके मकान की तीसरी मंजिल पर विनीता पति पवन के साथ रहती थीं। पवन इलाके में जूस की रेहड़ी लगाता है। सत्यप्रकाश ने बताया कि रात करीब साढ़े नौ बजे तीसरी मंजिल पर चिल्लाने की आवाज आ रही थी। इस पर उसकी मां संतरा देवी और ज्योति वहां पहुंचीं। पीछे से सत्यप्रकाश भी पहुंचा। उन लोगों ने देखा कि एक किशोर विनीता पर कैंची से ताबड़तोड़ हमला कर रहा है। संतरा देवी और ज्योति ने जब रोकने की कोशिश की तो किशोर ने दोनों के पेट में कैंची से वार कर दिया और वह कमरे से भागने लगा। इस पर सत्यप्रकाश ने उसका पीछा किया तो वह दूसरी मंजिल के बाथरूम में छिप गया।
शोर होने पर बाहर जमा हुए लोगों ने नीचे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया। किशोर नीचे का दरवाजा बंद देख दूसरी मंजिल के बाथरूम में छिप गया। पुलिस ने घायल तीनों महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया। जहां संतरा देवी, विनीता को मृत घोषित कर दिया गया जबकि सोमवार सुबह ज्योति की मौत हो गई।
पुलिस को पता चला कि किशोर जहांगीरपुरी स्थित एक होजरी फैक्टरी में काम करता है। यहां पहले इसकी मां भी काम करती थी। अब भलस्वा में काम करने वाली किशोर की मां बेटे का वेतन खुद लेती है। एक माह पहले जब वह वेतन लेने गई तो फैक्टरी मालिक ने बताया कि उसका बेटे से पचास रुपये पहले ले चुका है। मां के पूछने पर किशोर ने विनीता से 50 रुपये लेकर मां को दे दिए। कुछ दिन बाद विनीता ने किशोर को 50 रुपये देने की बात उसकी मां को बता दिया। इस पर मां ने घर पहुंच कर किशोर की पिटाई कर दी। इसके बाद ही किशोर ने विनीता से बदला लेने की ठानी। इसके बाद वह मौका की तलाश करने लगा।












Click it and Unblock the Notifications