मैं नहीं गया था हाथ मिलाने, टीम अन्ना आई थी मेरे पास: रामदेव
दिल्ली।
गांधीवादी विचारधारा वाले समाज सेवी अन्ना हजारे और योग गुरू बाबा रामदेव के गठजोड़ की चर्चा गरम होती जा रही है। इसी क्रम में इस गठजोड़ पर बाबा रामदेव ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। बाबा रामदेव ने कहा है कि वह टीम अन्ना से हाथ मिलाने नहीं गये थे बल्कि टीम अन्ना उनसे गठजोड़ करने के लिये हरिद्वार आई थी। बाबा रामदेव ने यह दावा स्टार न्यूज पर खास बातचीत के दौरान किया है। बाबा रामदेव ने कहा कि आंदोलन में हाथ मिलाने की बात हरिद्वार में ही तय हो गई थी, दिल्ली में तो सिर्फ प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई थी। id="toptextpromo">ज्ञात
हों कि बाबा रामदेव और अन्ना हजारे ने 20 अप्रैल को एक साझा प्रेस कांफ्रेंस कर काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ साथ-साथ लड़ाई लड़ने का ऐलान किया था। रामदेव ने रविवार को भी यह बयान दिया था कि देश की मर्जी को देखकर वे दोनों साथ आएं हैं और एक साथ मंच पर भी बैठेंगे। रामदेव के मुताबिक, 'देश के करोड़ों लोगों की इच्छा को ध्यान में रखते हुए हमने फैसला किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक साथ आएं और मंच साझा करें।' id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>मगर
तीन दिन बाद ही गठबंधन के समीकरण पलटने लगे और टीम अन्ना के सदस्य संजय सिंह ने मीडिया के सामने इस बात का दावा किया कि बाबा रामदेव से मंच साझा करने का सवाल ही नहीं पैदा होता। दरअसल, अन्ना हजारे ने अपने गांव रालेगण सिद्धि रवाना होने से पहले सोमवार को दिल्ली में कहा था, 'मैंने आपसे पहले भी कहा कि मैं और रामदेव एक साथ यात्रा नहीं कर रहे हैं, बल्कि हम दोनों काला धन वापस लाने और जनलोकपाल और लोकायुक्त विधेयक पास करवाने जैसे समान उद्देश्य के लिए लड़ रहे हैं। हम एक साथ खड़े होंगे और जब भी जरूरत होगी एक मंच पर मौजूद होंगे।'











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