भारत की सबसे शक्तिशाली मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण

डीआरडीओ के अधिकारियों के मुताबिक अग्नि-5 की लॉन्चिंग बुधवार को होनी थी, लेकिन उड़ीसा और हिंद महासागर के ऊपर घने बादल छाये रहने और मौसम खराब होने की वजह से परीक्षण टाल दिया गया था। इस मिसाइल को 10 हजार से ज्यादा वैज्ञानिकों ने मिलकर बनाया है। इसकी लंबाई 17 मीटर है और चौड़ाई 2 मीटर। यह एक टन का भार उठाकर कहीं भी जा सकती है।
हम आपको बता दें कि डीआरडीओ द्वारा विकसित की गई यह देश की पहली इंटर-कॉन्टिनेंटल मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता 5000 किलोमीटर है यानी पाकिस्तान और चीन समेत कई एशियाई, अफ्रीकी और यूरोपीय देश इसकी जद में होंगे। खास बात यह है कि यह मिसाइल एटम बम गिराने में भी सक्षम है, जिस वजह से दुनिया भर के तमाम देशों की निगाहें इस मिसाइल पर टिकी हुई थीं। जाहिर है आज से ही विभिन्न देशों में इस पर बहस गर्म हो जायेगी।
मिसाइल को लेकर कई अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के बीच बहस छिड़ गई है। चीनी मीडिया में पिछले कई दिनों से इससे संबंधित खबरें प्रकाशित हो रही हैं। इससे पता चलता है कि तमाम देशों में भारत की शक्ति को देख कौतूहल मच गया है।
इंटर-कॉन्टिनेंटल मिसाइलों की बात करें तो अभी तक केवल अमेरिका, चीन और रूस के पास ऐसी मिसाइलें हैं। अग्नि-5 के सफल परीक्षण के बाद इसे 2014 तक सेना में शामिल कर लिया जायेगा।












Click it and Unblock the Notifications