अब थर्ड डिवीजन वाले भी बनेंगे डॉक्टर, इंजीनियर

ठीक इसी तरह विज्ञान व वाणिज्य संकाय वाले छात्र भी अपनी मर्जी के मुताबिक संकाय बदल सकेंगे। पत्र में बताया गया है कि सीनियर सेकेंडरी के तीनों संकायों मानविकी, वाणिज्य, विज्ञान में प्रवेश के लिए शिक्षा बोर्ड से अथवा समकक्ष बोर्ड से केवल मात्र अंग्रेजी विषय सहित दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। वाणिज्य एवं विज्ञान संकायों में प्रवेश के लिए अंकों की प्रतिशतता अथवा गणित, विज्ञान विषयों में किसी सीमा तक पास प्रतिशतता के होने की शर्त अब हटा दी गई है। यदि कोई छात्र सेकेंडरी के अंग्रेजी विषय में अनुत्तीर्ण है तो उसे ग्यारहवीं कक्षा में अस्थायी दाखिला दे दिया जाएगा। हालांकि उसे प्रवेश लेने के बाद आगामी लगातार दो अवसरों में उक्त विषय उत्तीर्ण करना होगा। अन्यथा उसको 11वीं में दिया गया प्रवेश व उसका परिणाम रद कर दिया जाएगा। संस्था के मुखिया को इस संबंध में छात्र से लिखित में लेना होगा।
इसके साथ ही माइग्रेशन की तिथि से 20 दिन के अंदर प्रवेश लिया जाना अनिवार्य है। ऐसे मामलों में छात्र का पूर्व विद्यालय में एसएलसी जारी करने की तिथि तक उस कक्षा में अध्ययनरत होना आवश्यक है। इस प्रकार यदि कोई छात्र परीक्षा उत्तीर्ण करने उपरांत आगामी कक्षा में प्रवेश लिए बिना ही एसएलसी जारी करवाकर प्रवेश के लिए आता है और यहां अपने प्रदेश में प्रवेश की तिथियां समाप्त हो चुकी हों तो इस अवस्था में 20 दिन की अवधि की गणना के आधार पर उसे प्रवेश नहीं दिया जा सकता। यहां गौर करने वाली बात यह है कि वाणिज्य व विज्ञान विषय में मेरिट वाले बच्चों के बजाए थर्ड डिविजन वालों के दाखिले करने की राह खोल दी गई है। शिक्षा विभाग के निदेशक ने नौवीं एवं ग्यारहवीं में प्रवेश के लिए तिथियां घोषित कर दी हैं।












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