यूपी में जल्द हो सकती है बसों की हड़ताल

परिवहन निगम कर्मचारी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष रामजी त्रिपाठी व महामंत्री प्रीतम दास के मुताबिक ऐसा नेगेटिव निर्णय लेकर परिवहन निगम ने कर्मचारियों के साथ अन्याय व सौतेला व्यवहार किया है। आर्थिक संकट और कर्मचारियों की कमी जैसी गंभीर स्थिति से जूझ रहे परिवहन निगम को इससे एक बड़ा झटका लगा है। परिवहन निगम के कर्मचारी सरकार के इस निर्णय को सहन नहीं करेंगे।
मोर्चा नेताओं का कहना है कि राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु दस साल पहले ही 60 साल की जा चुकी है। प्रदेश के सार्वजनिक निगमों में सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष करने का निर्णय पिछली सरकार ने माह दिसम्बर 2011 में लिया गया था।
इसी के आधार पर आधा दर्जन से अधिक निगमों में माह दिसम्बर 2011 में ही सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष की जा चुकी है। कुछ निगमों में वर्तमान सरकार द्वारा भी हाल ही में सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष कर दी गयी है,परन्तु परिवहन निगम जैसे आवश्यक सेवा वाले अधिष्ठान में कर्मचारी संगठनों के बार-बार अनुरोध,आग्रह तथा निगम निदेशक मंडल की रजामंदी के बावजूद शासन ने सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने को अनौचित्यपूर्ण कदम ठहरा दिया है।
शासन के इस एकतरफा निर्णय ने परिवहन निगम कर्मचारियों को सीधे आंदोलन पर जाने के लिए विवश कर दिया है।साथ ही उन्होंने ये भी कहा की अगर हमारी मांगे नहीं पूरी हुई तो निगम में कार्य बहिष्कार भी हो सकता है वहीँ इस मामले की पुष्टि करते हुए निगम के पीआरओ ए के सिंह ने कहा है की अगर संगठन से जुड़े लोग शांति वार्ता करें तो बात बन सकती है और उनकी मांगों पर पुनर्विचार किया जा सकता है।












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