5000 किमी. मारक क्षमता वाली अग्नि-5 का परिक्षण आज

रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि मिसाइल के पहले परीक्षण के लिए तैयारियां अंतिम दौर में हैं। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) प्रमुख वी के सारस्वत ने हाल में कहा था कि परीक्षण के लिए मिसाइल का एकीकरण विभिन्न केन्द्रों में किया जा रहा है। परीक्षण के दौरान विभिन्न सैन्य और अन्य एजेंसियों के वे अधिकारी मौजूद रहेंगे जिन्होंने इसके विकास में भूमिका निभायी है।
दुनिया में अभी तक केवल अमेरिका, रूस, फ्रांस और चीन के पास आईसीबीएम को संचालित करने की क्षमता है। डीआरडीओ की अगले एक वर्ष में इस मिसाइल के और परीक्षण करने की योजना है। ये परीक्षण पिछले परीक्षणों में हासिल किये गये मानकों के अध्ययन और विश्लेषण के आधार पर किये जायेंगे। अग्नि 5 को पूरी तरह से विकसित करने की समयसीमा के बारे में सारस्वत ने कहा कि परीक्षण में और एक साल लगेगा।
पिछले साल नवंबर में डीआरडीओ ने भारतीय प्रतिरोधक क्षमता को नयी ताकत प्रदान करते हुए 3500 किमी मारक क्षमता वाली अग्नि 4 मिसाइल का परीक्षण किया था। अधिकारियों ने बताया कि अग्नि 5 तीन स्तरीय, पूरी तरह से ठोस ईंधन पर आधारित तथा 17 मीटर लंबी मिसाइल है जो विभिन्न तरह के उपकरणों को ले जाने में सक्षम है।












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