मरने के बाद डॉक्टरों ने निकाल ली आंखे

ज्ञात हो कि एटा में भी ऐसा ही मामला सामने आया था जिसमें मरीज के मरने के बाद आंखे निकाल ली गयीं थी। कांशीरामनगर जिला चिकित्सालय में परिजनों द्वारा अस्पताल प्रशासन पर अंगों की तस्करी का आरोप लगाए जाने के बाद मामला दर्ज कर लिया गया।
सरकारी अस्पतालों में अब मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ चुकी है। मानव अंगों की तस्करी करने वालों के नेटवर्क में अब सरकारी चिकित्सालय भी जुड़ गए हैं। कांशीरामनगर में ऐसा ही मामला सामने आया जिसमें मरीज के मरने के बाद उसकी दोनों आंखे निकाल ली गयीं। मामले की शिकायत मिलने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया तथा जांच के आदेश दे दिये।
परिजनों द्वारा पुलिस से की गयी शिकायत में कहा गया कि शमशाद नाम के व्यक्ति को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। मरीज की हालत गंभीर होने के कारण उसकी इलाज के दौरान मौत हो गयी। मौत के बाद जब जब परिजनों को मृतक का शव सौंपा गया तो शव देख परिजनों के होश उड़ गए।
परिजनों का कहना था कि शव की दोनों ही आंखे निकाल ली गयी थीं। ज्ञात हो कि एटा में भी ऐसा ही मामला प्रकाश में आया था जहां एक दिन पूर्व ही सरकारी अस्पताल में मृत हुये होडिल ङ्क्षसह की आंखे भी गायब कर दी गयी थी। होडिल के परिवार वालों ने मानव अंग प्रत्यारोपण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कराया है। सरकारी अस्पतालों में इस प्रकार हो रही घटनाओं ने साबित कर दिया कि प्रदेश में मानव अंग तस्करी का धंधा तेजी से चल रहा है और सरकारी अस्पताल भी अब इससे अछूते नहीं रह गए हैं।












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